पवित्र पूज्यनीय है गौमाता

देवास। दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोई। कालीकाल के युग का पुरुष आज भगवान का स्मरण मात्र दुख, विपत्ति के समय करता है, जो मनुष्य सदैव भगवान का स्मरण करता है, उसकी विपत्ति टल जाती है। गौमाता को बचाना है तो पॉलिथीन का उपयोग करना बंद करना पड़ेगा। संसार में एकमात्र गौमाता ऐसी है। जिसका गोबर एवं मूत्र भी पवित्र होता है। आज वृद्धाश्रम का चलन जोरों पर चल रहा है। जिससे वृद्धों का अनादर करने वाले प्राणियों को प्रोत्साहन मिल रहा है। आज कार रखने की जगह घरों में है, परंतु गौशाला बनाकर गौ माता रखने की जगह नहीं है। जो लोग गौ माता पालते हैं। उस घर के लोग सदैव निरोगी रहते हैं। रानीबाग उज्जैन रोड़ पर चल रही है।
उक्त वक्तव्य श्रीराम कथा के चौथे दिन साध्वी हेमलता दीदी सरकार ने कही। दीदी ने कहा कि हम कथाएं तो बहुत सुनते हैं, परंतु कथा को हृदय में धारण नहीं करते। श्री रामचरित मानस का पूजन पं. महेश पुजारी उज्जैन, रायसिंह सेंधव, भाजपा नेता पूर्व महापौर सुभाष शर्मा, राजेश यादव ने की। व्यासपीठ की पूजा मुकुल बांगर नगर ने कर दीदी का स्वागत किया।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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