-नेवरी देवास के 62 घरों मे एक साथ एक समय में गायत्री महायज्ञ संपन्न
-घर घर गूंजे यज्ञ भगवान की जय,
-गायत्री माता की जय, धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो के नारे
-प्रतिदिन शाम 7 बजे हर घर में सामूहिक रूप से नियमित गायत्री मंत्र की उपासना की अपील की गायत्री परिवार ने
देवास । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में देशभर में गृह गृह यज्ञ की श्रंखला चलाकर आमजन को गायत्री महायज्ञ विधा से परिचित कराकर उन्हें व्यसन मुक्त और नियमित गायत्री उपासना से जोडा जा रहा है इसी के तहत ग्राम नेवरी देवास के 62 घरों में बड़े उत्साह और उमंग के साथ गृह गृह गायत्री महायज्ञ संपन्न हुए।
गायत्री शक्तिपीठ जनसंचार विभाग के विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि विगत दिनों देवास से दूर 10 किलोमीटर ग्राम नेवरी में गायत्री परिजनों द्वारा सबसे पहले गाँव में नशा मुक्ति रैली निकाली गई जिसमें पूरे गाँव मे गूंजे जयघोष – गायत्री माता की जय हो, यज्ञ भगवान की जय हो, धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, नारियों जागो अपने को पहचानो ततपश्चात 62 घरों में गायत्री महायज्ञ बड़े श्रद्धा भाव से संपन्न हुए जिसमें हर घर में देवस्थापना चित्र, गायत्री चालीसा, सत् साहित्य भेंटकर उन्हें नियमित गायत्री साधना से जोड़कर व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प कराया।
गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर की संरक्षिका दुर्गा दीदी ने आमजन से अपील की हैं कि नित्य अपने घरों में शाम को 7 बजे सामूहिक रूप से गायत्री साधना करना चाहिए क्योंकि आज की विषम परिस्थितियों में गायत्री मंत्र द्वारा ही सबको सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी । वैज्ञानिकों ने भी गायत्री महामंत्र की ऊर्जा का परीक्षण करके सबका कल्याणकारी मन्त्र साबित किया हैं।
आयोजन में गायत्री परिवार के डॉ. रूपसिंह नागर, दिनेश चौधरी, भरत चौधरी, चम्पालाल पटेल, राधेश्याम चौधरी, संतोष शर्मा, वंदना पाटीदार, ममता यादव, सीमा चौधरी, सुनंदा बालपांडे, टीना सोलंकी, श्रद्धा निहाले, क्रांति चौहान, गौड़ बहिन, मदनगोपाल श्रीवास्तव, देवकरण कुमावत, महेश आचार्य सहित आचार्यों ने बड़े उत्साह से गायत्री महायज्ञ संपन्न कराये । ग्राम नेवरी में गृह गृह गायत्री महायज्ञ के आयोजक दिलीपसिंह सोलंकी एवं भंवरसिंह सोलंकी ने आयोजन में आये सभी यज्ञकर्ताओं और यजमानों का आभार माना।

