देवास। हिन्दू नववर्ष अर्थात गुड़ी पड़वा को सांस्कृतिक उदय का पर्व माना जाता है। ब्रम्हाजी द्वारा सृष्टि की उत्पत्ति से जुड़े इस पुनीत पर्व से कई प्रसंग जुड़े हुए है। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक, धर्मराज युधिष्ठिर का राजतिलक, विक्रम संवत्सर की स्थापना, सिंधी समाज के आराध्यदेव वरूण अवतार भगवान झुलेलाल का जन्मोत्सव, आर्य समाज की स्थापना, संघ के संस्थापक प.पू. डॉ. केशव बलिराम का जन्मदिवस वर्ष प्रतिपदा जैसे अनेक शुभ प्रसंगों से जुड़े हिन्दु नववर्ष पर शुभ स्वस्तिक चिन्ह के साथ शहर में घर घर भगवा लहरायेगा। यह जानकारी देते हुए धर्म जागरण विभाग के जिला सह सयोंजक अमरदेवजी ठाकुर ने बताया कि भारतीय संस्कृति में स्वस्तिक को मंगल का प्रतीक माना गया है, वहीं भारतवर्ष का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परम पवित्र भगवा ध्वज त्याग, बलिदान, ज्ञान, शुद्धता एवं सेवा का प्रतीक है। सनातन काल से उत्साह एवम ऊर्जा का संचार करने वाला भगवा रंग हिन्दू समाज में श्रद्धा भाव जागृत करने वाला भी है। नवोदित सूर्योदय की लालिमा लिए हुए भगवा रंग आगामी नववर्ष एवं गुड़ीपड़वा के उपलक्ष्य में प्रत्येक श्रद्धालु के घर भगवा पताका लगाई जा रही है एवम स्वस्तिक का चिन्ह बनाया जा रहा है।
देवास नगर क्षेत्र में समिति के सदस्य इस आग्रह के साथ सम्पर्क कर रहे हैं कि प्रत्येक घर पर पताका लगे और घर के द्वार पर स्वस्तिक का शुभ चिन्ह अंकित हो। हिन्दू उत्सव समिति द्वारा शहर में जनसहयोग से स्वस्तिक चिन्ह के साथ भगवा पताकाए वितरित की जा रही है। श्री ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस की चुनौती को देखते हुए समिति के सदस्य सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए प्रत्येक परिवार को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं सावधानियॉ भी बता रहे है।

