शहर की प्रथम धुनी रानीबाग में द्वितीय दिवस पंचाग पूजन, मण्डप प्रवेश के साथ हुआ प्रतिमा का जलाधिवास

देवास। शहर की प्रथम धुनी रानीबाग सद्गुरू योगेन्द्र श्रीमंत शीलनाथ धुनी पर चार दिवसीय कार्यक्रम उज्जैन रोड़, शीलनाथ धुनी रानीबाग, डिपो के पीछे पं. कपिल शास्त्री के आचार्यत्व में चल रहा है। द्वितीय दिवस गुरूवार को प्रात: पंचाग पूजन, मण्डप प्रवेश तथा मध्यान के बाद भी तीर्थ देवताओं का आव्हाण स्थापन, पूजन तथा प्रतिमा का जलाधिवास किया गया। आकाश चौकसे ने बताया कि धुनी के भक्त ओमप्रकाश एवं रामप्रसाद मालवीय का परिवार उक्त आयोजन में तन-मन-धन से लगा हुआ है। यह प्राचीन प्रथम धुनी शीलनाथ जी देवास आगमन पर सन 1901 में बलवंत बापू जी बिडवाई ने अपने बाग में ठहरवाया था। स्व. मनोहर लाल जी का परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी सेवा में रत है।  तृतीय दिवस 21 जनवरी को सूर्यदेव पूजन, अग्रि स्थापना, हवन तथा अन्नाधिभाग, चतुर्थ दिवस 22 जनवरी को देव स्नान, नाद प्रतिष्ठा, पूर्णाहूति, महाआरती के साथ प्रसादी वितरण दोपहर 12 बजे से होगा। समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाए।

Post Author: Vijendra Upadhyay