देवास में ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण का जाल

रसूलपुर चौराहे से उज्जैन बायपास चौराहा तक फैला अवैध निर्माण

देवास। जिला प्रशासन ने उद्योगपतियों से मिलकर इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र पर रोड के दोनों किनारे लाखों रुपये खर्च कर स्पोट्र्स पार्क बनाया गया है और शहर को सुंदर बनाने का एक अभिनव प्रयोग किया है, किंतु बायपास मार्ग की स्थिति बदतर होती जा रही है। बायपास मार्ग पर रसूलपुर चौराहा से लेकर उज्जैन रोड बायपास चौराहा तक ग्रीन बेल्ट की जमीन पर न सिर्फ अवैध निर्माण हो गए है, बल्कि उबड़-खाबड़ निर्माण से बायपास की सुंदरता भी बिगड़ी।


अब सवाल यह उठता है कि जब ग्रीन बेल्ट की भूमि पर लगातार अवैध निर्माण हो रहे है तो शासन-प्रशासन दखलअंदाजी क्यों नहीं कर रहा है?


रसूलपुर चौराहा पर तो मानो अवैध निर्माण का जाल फ़ैल गया है, और यहां पर अवैध कारोबार भी प्रारंभ हो गए है। कई धनाड्य लोगों ने ग्रीन बेल्ट की जमीन कम दाम पर खरीदकर होटल, ढाबे व अन्य प्रकार के शेड निर्माण कर या तो किराये पर दे दिये है या फिर स्वयं कारोबार करने में लगे है। शासन के नियमानुसार ग्रीन बेल्ट की भूमि पर पक्के निर्माण नहीं हो सकते है। इस भूमि पर सिर्फ पौधारोपण, नर्सरी, गौशाला, उद्यान सहित अन्य सार्वजनिक प्रयोजन के कार्य किये जा सकते है, किंतु देवास में तो ग्रीन बेल्ट की परिभाषा ही बदलकर रख दी है और ग्रीन बेल्ट की भूमि पर धड़ल्ले से कारोबार संचालित हो रहे है। कई लोगों ने तो बड़े व पक्के निर्माण कर शासन-प्रशासन को खुली चुनौती दे डाली है और बड़ी धांधली तो यह है कि ग्रीन बेल्ट की जमीन को एसडीएम कार्यालय से अन्य प्रयोजन के लिए डायवर्शन भी कर दिया गया है। यदि ग्रीन बेल्ट के नाम पर हुई धांधली की जांच की जाए तो बड़ा मामला उजागर हो सकता है। फिलहाल नगर निगम द्वारा 10 से अधिक निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर प्रारंभिक कार्यवाही शुरु हो गई है। बताया जा रहा है कि ग्रीन बेल्ट की भूमि पर ही दो बड़े शो रूम भी तान दिये गए है, जिन्हें अभी तक नोटिस नहीं दिए गए है।

Post Author: Vijendra Upadhyay