ग्रामीण क्षेत्र में चल रही है मनमानी लाइसेंसी शराब ठेकेदार की

  • न तो दुकान पर रेट लिस्ट लगाई और ना ही कर रहे नियमों का पालन

देवास। जिला मुख्यालय पर तो अधिकारियों की नजर होने के कारण शराब ठेकेदारों द्वारा कुछ हद तक नियमों का पालन किया जाता है, किंतु देखने में आ रहा है कि कन्नौद, खातेगांव, बागली, कांटाफोड़, सतवास, उदयनगर, हाटपीपल्या, चापड़ा, नेवरी व पांदा सहित आसपास के क्षेत्र में शराब ठेकेदारों द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर शराब का विक्रय किया जा रहा है। यहां तक कि शासन द्वारा अनिवार्य शर्तों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये है और 18 नियम लागू किये है, किंतु इनमें से अधिकांश नियमों का पालन नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में देशी शराब प्लेन का एक क्वार्टर 70 से 75 रुपये में बेचा जा रहा है। जबकि उसका मूल्य 57 रुपये है। इसी तरह मसाला शराब का क्वार्टर 90 से 100 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि इसका शासकीय मूल्य 81 रुपये है। शराब ठेकेदारों ने मनमानी दरों पर शराब बेचने के उद्देश्य से अपनी दुकानों पर रेट लिस्ट नहीं लगाई है। यह बात तो देशी शराब की थी, किंतु अंग्रेजी शराब पर भी निर्धारित मूल्य पर बेचने का प्रावधान लागू है और इसकी भी रेट लिस्ट दुकान पर होना चाहिए, किंतु किसी भी दुकान पर सूची नहीं देखी जा रही है। वैसे तो शासन द्वारा तय की गई 18 शर्तों में से किसी का भी पालन नहीं हो रहा है और जिनका हो रहा है, उसका आधा-अधूरा है। अब सवाल यह उठता है कि जब शासन ने नियम बनाए है तो जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदारों से इनका पालन कराने में परहेज क्यों कर रहे है।

Post Author: Vijendra Upadhyay