आनंद मार्ग प्रचारक संघ का तीन दिवसीय सेमीनार संपन्न

देवास। आनन्द मार्ग प्रचारक संघ देवास के भुक्तिप्रधान दीपसिंह तंवर ने बताया कि 01,02,03 जुलाई 2022 को प्रथम सम्भागीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार के संयोजक आचार्य शांतव्रतानन्द अवधूत ने बताया कि इस त्रिदिवसीय सेमिनार के मुख्य तीन विषय मास्टर यूनिट (चक्रनेमी), आध्यात्मिक साधना के विभिन्न स्तर और सृष्टि का मूल कारण थे। सेमिनार के मुख्य वक्ता एवं प्रशिक्षणक वरिष्ठ आचार्य परमानन्द अवधूत जी ने मास्टर यूनिट (चक्रनेमी) विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आनन्द मार्ग में माष्टर यूनिट अर्थनैतिक दृष्टिकोण से स्वयं में सम्पूर्ण होंगे, जो कि सामाजिक-आर्थिक दर्शन प्रउत के नवम् सिद्धान्त का व्यावहारिक पक्ष है, जिसमें कहा गया है कि मौलिक आवश्यकताओं की गारण्टी सबको प्रदान करनी होगी अर्थात भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा और चिकित्सा की पूर्ति सबको करनी होगी। माष्टर यूनिट का ध्येय है आत्म मोक्षार्थम् जगत् हिताय च। इस महान आदर्श वाक्य को व्यावहारिक धरातल पर प्रयोग करना है। माष्टर यूनिट के लिए कम से कम पांच एकड़ जमीन आवश्यक है। आज आनन्द मार्ग द्वारा दुनिया के कोने कोने में सैकड़ों माष्टर यूनिटों की स्थापना की जा चुकी है। सभी के सभी माष्टर यूनिट अपने सेवा कार्यों को शिक्षा, संस्कृति, आर्थिक एवं आध्यात्मिक उन्नयन के क्षेत्रों में चलाते हैं। माष्टर यूनिटको पृथ्वी के प्रत्येक देश के हर जिले के हर ब्लाक में आरम्भ करने की आवश्यकता आनन्द मार्ग द्वारा महसूस की गई है।
प्रत्येक मास्टर यूनिट में जनकल्याणार्थ सभी पक्षों का समावेश किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल है- स्कूल, छात्रावास, शिशु-सदन, औषधालय, आभा सेवा सदन, कुटीर उद्योग , डेयरी फार्म, वृक्षारोपण, आटा-चक्की मशीन, बेकरी, बीज भण्डार, सुलभ बीज वितरण केन्द्र, रेशम कीट पालन, बायोगैस प्लाण्ट, मक्खन उत्पादन, मधुमक्खी पालन, कृषि प्रशिक्षण केन्द्र, जैविक कम्पोस्ट खाद, खेल का मैदान, पार्क, रिटायरिंग होम, औषधि पौधे, चिकित्सा केन्द्र, योग ध्यान केन्द्र, सिंचाई व्यवस्था, तालाब, सड़क, सोलर एनर्जी सेण्टर, कृषि उद्योग, कृषि सहायक उद्योग, बागवानी, फूलों की खेती, वयस्क शिक्षा केन्द्र, कृषि प्रशिक्षण केन्द्र, अनुसन्धान केन्द्र इत्यादि। ऐसे ही अनेक मास्टर यूनिट के कर्मधारा के अंग है, जो उसे आत्मनिर्भरता की ओर ले जाते हैं। इन्हीं कल्याण एवं त्राणमूलक कार्यक्रमों को लेकर मास्टर यूनिटों की स्थापना की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य है- सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय। सेमिनार में देवास, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, भोपाल, होशंगाबाद जिले के सैकड़ों आनंदमार्गियोभाग ने भाग लिया। उक्त जानकारी हेमेन्द्र निगम ने दी।

Post Author: Vijendra Upadhyay