नवरात्रि पर्व पर देवास में माताजी की टेकरी पर आकस्मिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध रहेगी

2 एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहेगी, एक शंख द्वार और दूसरी टेकरी के पीछे एरिना मार्ग पर

  कोविड-19 को देखते हुए रहेगी सम्पूर्ण जाँच एवम उपचार की व्यवस्था

देवास, 16 अक्टूबर 2020/ कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के निर्देशानुसार स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा नवरात्रि पर्व पर देवास में माताजी की टेकरी पर आकस्मिक चिकित्सा सेवा व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया गया है। माताजी की टेकरी पर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकस्मिक चिकित्सा सेवा व्यवस्था 24 घंटे उपलब्‍ध रहेगी।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एम पी शर्मा ने बताया कि नवरात्रि पर्व पर माताजी की टेकरी पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर स्वास्थ सेवाएं प्रदान की जावेगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा माताजी की टेकरी पर जैन मंदिर के पास  और शंख द्वार पर आकस्मिक चिकित्सा/फीवर क्लिनिक संचालित किया जाएगा। जिसमें चिकित्सक एवं  पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जो निरंतर 24 घंटे चिकित्सा सेवा प्रदान करेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए आकस्मिक चिकित्सा के साथ-साथ फीवर क्लीनिक संचालित किया जाएगा। व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार, गले में दर्द या खराश होने पर कोरोना की जांच माता टेकरी में बने फीवर क्लीनिक में करा सकता है। कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपना कोरोना टेस्ट कराना चाहता है वह भी वहां पर नि:शुल्क अपनी कोरोना की जांच करा सकता है। आकस्मिक चिकित्सा की व्यवस्था शंख द्वार एवं जैन मंदिर के पास टेकरी पर रहेगी, इसके साथ ही 24 घंटे 2 एंबुलेंस तैनात रहेगी एक शंख द्वार और दूसरी  टेकरी के पीछे एरिना मार्ग पर रहेगी।
जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग माता जी के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं से  अपील करता है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए अनुकूल व्यवहार करे- दूर से अभिवादन करें ना किसी से हाथ मिलाए ना गले मिले। आपस में 2 गज की दूरी जरूर रखे। हमेशा मास्क पहनें। बार-बार अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें। खाँसते और छींकते समय अपने मुंह तथा नाक को ढंक कर रखे, श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन करें। हाथों को सेनिटाईज करे, सार्वजनिक स्थानों पर ना थूके, तंबाकू गुटका खैनी पान आदि खाकर यहां-वहां तथा सार्वजनिक स्थानों पर ना थूकें। अफवाहों पर ध्यान ना दें और सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को प्रसारित ना करें। सूचना के भरोसेमंद स्त्रोतों से ही जानकारी लें। आपस में सभी एक दूसरे को मनोवैज्ञानिक रूप से सहयोग प्रदान करे।

Post Author: Vijendra Upadhyay