देवास/ कोरोना की इस विकट परिस्थिति में देवास में कोरोना मरीजों के लिए तीन बड़े संकट चल रहे है। पहला संकट है की उसे अस्पताल में बेड उपलब्ध हो जाये। दूसरा है की उसे सही समय पर उपचार मिल जाये। तीसरा है उसे पर्याप्त रूप से ऑक्सीजन मिल जाये जितनी उसे जरुरत है।
कोरोना मरीज में यदि सामान्य लक्षण है तो वह सामान्य इलाज से ठीक हो जाता है। लेकिन उसे फेफड़ो में इंफेक्शन ज्यादा बढ़ गए है तो उसे अस्पताल जाना जरुरी है जिसके लिए उसे अस्पताल में बेड की उपलब्धता जरूरी होती है। अस्पताल जाने के बाद उसके इंफेक्शन को खत्म करने वाले इजेंक्शन सही समय पर मिलना जरुरी है और यदि इंजेक्शन मिले गए तो उसे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की भी जरूरत पड़ती है।
देवास में पिछले माह से कोरोना तेजी से फैला है। कोरोना ने दूसरी बार विकट रूप ले लिया है लेकिन वर्तमान में कोरोना मरीजों को इन संकटो से गुजरना पड़ रहा है। कभी उसे अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं हो रहा है, तो कभी इंजेक्शन नहीं मिल रहा है, तो कभी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी महसुस हो रही है। इन सभी असुविधा के कारण कितने ही मरीज अपने जीवन से लड़ते हुए मौत को गले लगा रहे है। कुछ मामलों में देखने को मिला है की मरीज भी ज्यादा इंफेक्शन होने के बाद अस्पताल पहुंच रहा है जिसकारण उसे जिंदगी और मौत से ज्यादा लड़ना पड़ रहा है।
इस विषय पर हमारी चर्चा जिला मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी एम.पी. शर्मा से हुई। उनका कहना है शहर में कोरोना के मरीजो की संख्या काफी बढ़ गई है जिनकी व्यवस्था के लिए हम इंतजाम कर रहे है सम्भवत अब बेड, ऑक्सीजन और इंजेक्शन की पूर्ति भी जल्द की जाएगी।

