65 चोरियों का मास्टरमाइंड 7 दिन में गिरफ्तार

65 चोरियों का मास्टरमाइंड 7 दिन में गिरफ्तार

तीन राज्यों के 13 जिलों में 18 वर्षों से सक्रिय शातिर चोर, 22 मामलों में फरार, देवास पुलिस ने 400 सीसीटीवी खंगाल कर पकड़ा

देवास। देवास पुलिस को ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। 18 वर्षों से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के 13 जिलों में 65 से अधिक चोरियां करने वाले शातिर अंतरराज्यीय चोर को पुलिस ने मात्र 7 दिनों में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 22 मामलों में फरार चल रहा था।

घटना 17.04.2026 की है, जब फरियादी राजेन्द्र मोहरी, संचालक सदगुरु मोटर्स (होंडा) शोरूम देवास ने थाना बीएनपी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात आरोपी ने रात में शोरूम का ताला तोड़कर कैश काउंटर और तिजोरी से 47,892 रुपये नगद और महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए। इस पर थाना बीएनपी में अपराध क्रमांक 240/26 धारा 331 (4), 305 (ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बीएनपी निरीक्षक प्रीती कटारे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत तकनीकी और डिजिटल सर्विलांस का उपयोग करते हुए करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की जांच की और आरोपी की गतिविधियों को ट्रेस किया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने मक्सी रोड स्थित होम डेकोर शॉप में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने लगातार 7 दिनों तक बहु-राज्यीय स्तर पर पीछा करते हुए आरोपी के देवास से भोपाल तक के मूवमेंट को ट्रैक किया और अंततः भोपाल बायपास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी सचिन गौहर पिता प्रेम सिंह गौहर उम्र 44 वर्ष निवासी नई बस्ती तिकोनिया, मुरार, ग्वालियर है। आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में 65 से अधिक चोरी और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज हैं, जिससे वह एक कुख्यात आदतन अपराधी के रूप में सामने आया है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 58,150 रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त आर15 मोटरसाइकिल जिसकी कीमत लगभग 1,70,000 रुपये है, जब्त की है। कुल जब्त मश्रुका 2,28,150 रुपये है। साथ ही हाल ही में ग्वालियर जिले के एक शोरूम से चोरी की गई आर15 बाइक भी बरामद की गई है।

देवास पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगाया गया सीसीटीवी नेटवर्क अपराधियों के खिलाफ मजबूत हथियार साबित हो रहा है और अब अपराध कर बच निकलना बेहद कठिन हो गया है।

इस सफलता में थाना प्रभारी प्रीती कटारे, उपनिरीक्षक कमलसिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक अभिषेक पाण्डेय, आरक्षक संदीप यादव, शंकर डोडियार, सिराज, उमेश, दीपेन्द्र शर्मा तथा साइबर सेल के सचिन चौहान और शिव प्रताप सिंह सेंगर की सराहनीय भूमिका रही।

Post Author: Vijendra Upadhyay