नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 के बच्चों की अब किसी भी तरह की लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी

नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 के बच्चों की अब किसी भी तरह की लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी

बच्चों को रेंकिंग व ग्रेडिंग में बांटना अब पूरी तरह प्रतिबंधित

आदेश का उल्लंघन करने पर मान्यता रद्द की जाएगी

देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने देवास जिले में संचालित प्ले स्कूल (शाला पूर्व शिक्षा केंद्र) में नर्सरी, केजी 1 एवं केजी 2 के विद्यार्थियों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेने तथा उसकी रेंकिंग व ग्रेडिंग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया है। शाला पूर्व शिक्षा केन्द्रों द्वारा परीक्षा ली जाना पायी जायेगी तो मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही की जायेगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

आदेश में उल्लेख है कि देवास जिले में संचालित प्ले स्कूल (शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों) के सम्बंध में शिकायत प्राप्त हुई है कि शाला पूर्व शिक्षा केन्द्रों में नर्सरी, केजी 1 एवं केजी 2 में पढ़ने वाले बच्चों की परीक्षा आयोजित कर रेंकिंग/ग्रेडिंग जारी की जा रही है, जो कि राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE) नीति 2013 के तहत शाला पूर्व शिक्षा नीति 2022 मध्यप्रदेश का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों की किसी भी प्रकार की परीक्षा नहीं ली जायेगी। जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में किया गया है।

Post Author: Vijendra Upadhyay