देश में एक साथ एक समय पर सभी प्रान्तों में सद्ग्रंथ शोभायात्रा निकली
शोभायात्रा में सिर पर धारण युग ऋषि का साहित्य
देवास । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में देश भर में एक साथ एक समय पर गीता जयंती के पावन अवसर एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्देय शैलबाला के जन्म दिवस के अवसर पर पूर्ण हर्षोल्लास एवं संकल्प के साथ पूरे देश में युग ऋषि के साहित्य की शोभायात्रा सद्गुरू सद्ग्रंथ स्थापना अभियान के नाम से निकाली गई। इसी कड़ी में गायत्री परिवार देवास ने भी इस शोभायात्रा हर्षोल्लास एवं संकल्प के साथ निकाली गई। गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि प्रज्ञापीठ विजयनगर से शोभा यात्रा की शुरुआत प्रज्ञापीठ संरक्षिका दुर्गा दीदी ने सद्ग्रन्थ साहित्य का पूजन अर्चन एवं वन्दना करते हुए की उसके पश्चात शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर पुष्प वर्षा करके रवाना की जो की प्रज्ञा पीठ से चलकर अलकापुरी, विजय नगर, राजाराम नगर से चलकर पायोनियर स्कूल से चलते हुए पुन: प्रज्ञापीठ पर सम्पन्न हुई । शोभायात्रा का आकर्षण केंद्र बहनो के सिर पर ग्रन्थ एवं युग ऋषि पूज्य गुरुवर एवं वन्दनीय माताजी की कावड़ थी जिन्हे बड़ी श्रद्धा से गायत्री परिजन अपने कंधो पर धारण किये यात्रा की शोभा बड़ा रहे थे। शोभायात्रा में बहनो द्वारा जय घोष व नारों से विजय नगर एवं अलकापुरी गूंज उठी। गायत्री परिवार के महेश आचार्य एवं ओम प्रकाश श्रीवास्तव के अनुसार शोभा यात्रा के बाद परिजनों ने बड़ी श्रद्धा से लगभग 50 से अधिक घरों में सद्ग्रंथो की स्थापना की गई । युग ऋषि के साहित्य को ओर अधिक विस्तार देने के लिए संकल्पित हुए ।
युवा प्रकोष्ठ जिला संयोजक प्रमोद निहाले ने इस अभियान पर अधिक जानकारी देते हुए बताया कि संपूर्ण देश में साहित्य सद्ग्रंथ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है की परिजन युग ऋषि का साहित्य स्वयं पढे एवं अन्य परिजनों को भी पढाये क्योंकि युग ऋषि के साहित्य से ही हर समस्या का समाधान संभव है । परम पूज्य गुरुदेव युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने कहा है कि युग परिवर्तन के लिए आम जनमानस के चिंतन परिवर्तन में मेरे साहित्य का बहुत बड़ा महत्व होगा इसलिए मेरे साहित्य को अधिक से अधिक घरों में पंहुचाये । आज समाज की सबसे बड़ी समस्या मानसिक चिंतन है एवं उसका सबसे बड़ा निराकरण युग ऋषि का साहित्य है । आयोजन में गायत्री परिवार के शेषनारायण परमार, नीति श्रीवास्तव, रामगोपाल गुप्ता, बृजमोहन विजयवर्गीय, कन्हैयालाल मोहरी, मनीष महाजन, हजारीलाल चौहान, सरिता पाटीदार, लता खंडेलवाल, गीता जोशी, गणेशचंद्र व्यास, मीना अग्रवाल, केशव पटेल, देवकरण कुमावत सहित सैकड़ों परिजन शामिल थे। प्रज्ञापीठ विजयनगर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजेंद्र पोरवाल ने शोभायात्रा में आए सभी परिजनों का आभार माना ।

