देवास रेलवे स्टेशन पर तिरंगे का हुआ अपमान

देवास टाइम्स। भारत का राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ हिंदुस्तान का गौरव है। ये भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को दर्शाता है। उसका मान-सम्मान करना हर भारतीय का धर्म है, उसका नैतिक है।
‘राष्ट्र ध्वज का सम्मान’ करना हर भारतीय नागरिक का मौलिक कर्तव्य है. जिसका वर्णन भारतीय संविधान के भाग 4 अ के अनुच्छेद 51अ में मौलिक कर्तव्यों के अंतर्गत किया गया है।
लेकिन यह बात देवास रेलवे के अधिकारी भूल गए है। देवास रेलवे स्टेशन पर दो दिन पूर्व तिरंगे को उतारते समय वह फट गया था। जो की आज तक ऐसा ही फटा हुआ है। अभी तक किसी रेलवे अधिकारी ने उसे ठीक नहीं करवाया। जो कि यह हमारे तिरंगे का अपमान भी है।

राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम 1971 के अपमान को रोकने’ की धारा 2 कहती है कि, अगर कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थल पर या सार्वजनिक दृष्टि से अन्य स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज या उसके किसी भी भाग को जलाता, काटता, तोड़ता-मरोड़ता, मर्यादा भंग करता, विरूपित करता, खंडित करता, रौंदता या किसी अन्य प्रकार से (शब्दों, लिखित, मौखिक या अपने कार्यकलापों द्वारा) अपमान करता है या अवमानना करता है, तो उसे 3 साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

Post Author: Vijendra Upadhyay