पूछता है देवास – क्या ग्रीन बेल्ट की जमीन पर हुए अवैध निर्माण पर होंगी कार्यवाही?

  • आयुक्त ने अवैध निर्माण पर कार्यवाही के दिए निर्देश

देवास। शहर के व्यस्ततम चौराहे पर ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण किया गया। नगर निगम व जिला प्रशासन को पता भी नहीं चला, किंतु अब शिकायत होने व मीडिया में खबर आने के बाद जब मामला उजागर हुआ तो नगर निगम के 10 भूखंड स्वामियों को नोटिस जारी कर दिये और उनसे 7 दस्तावेज निर्माण अनुमति, स्वीकृत मानचित्र आदि मांग लिये। नोटिस मिलते ही भूखंड धारियों ने अपना जेक जरिया लगाना शुरू कर दिया। कोई राजनेताओ की चोखट पर जा रहा है, तो कोई अधिकारियों को साधने में लगा है। यह वही अवैध निर्माण है जहां पर प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है। यही नहीं यहां शराब विक्रय के साथ ही अन्य अवैध गतिविधियां भी संचालित होने लगी है।

अब सवाल यह उठता है कि शहर के प्रमुख स्थान पर जहां से प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, सांसद, विधायक व अन्य अधिकारी गुजरते है, तो फिर ग्रीन बेल्ट की जमीन पर निर्माण कैसे हो गए और यह निर्माण एक या दो महीने में नहीं हुए बल्कि दो-तीन सालों से होते रहे और जब प्रशासन की कोई कार्यवाही नहीं हुई तो अवैध निर्माण करने वालों के हौंसले बुलंद हो गए।

सूत्रों की माने तो ग्रीन बेल्ट की इस भूमि पर करीब 41 भूखंड बेचे गए थे। और इनमें से अधिकांश भूखंड पर निर्माण हो चुके है और कुछ खाली पड़े है, किंतु निगम के भवन अधिकारी ने मात्र 10 भूखंड स्वामियों को ही नोटिस जारी किये हैं। शेष 31 भूखंड स्वामियों को क्यों आदि छोड़ दिया गया है, यह समझ नहीं आया।

मामला प्रकाश में आने के बाद निगम आयुक्त विशालसिंह ने पूरे प्रकरण की जानकारी अधीनस्थों से ली है और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये है कि यदि ग्रीन बेल्ट की भूमि पर किसी ने अवैध निर्माण किये है तो उन पर कार्यवाही की जाए। साथ ही उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति निर्माण करते समय इस बात की जानकारी ले ले कि जमीन ग्रीन बेल्ट की तो नहीं है।

Post Author: Vijendra Upadhyay