- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि
देवास टाइम्स। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा से देश हित, राष्ट्र हित की बात करता आया है। राष्ट्र हित के लिये संघ ने अपने कितने ही कार्यकर्ताओ को झोंक दिया है। आज संघ के महत्व को हर भारतीय नागरिक को समझने की जरूरत है। संघ की दृष्टि हमेशा से देश हित मे स्पष्ट रही है।
कुछ राजनीति दलों ने जरूर संघ को बदनाम करने के अनेकों षटयन्त्र किये है। लेकिन सभी के प्रयास विफल रहे है। संघ की स्थापना से आज तक संघ ने देश हित के मुद्दों पर जोर दिया। यह बात अलग है कि लोग उसे सिर्फ हिंदुत्व से ही जोड़कर रखते है। यह भी सच है की संघ भी यही मानता है की भारत का हर नागरिक हिन्दू ही है, यह बात वह खुले मंच से कहता है कि भारत के हर नागरिक में हिन्दू डीएनए मौजूद है। कोई इस बात से सहमत है तो कोई नाराज है।
विजयादशमी पर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शस्त्र पूजा के बाद अपने उद्बोधन में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने सिर्फ देश हित की बात कही। उन्होंने देश को आगे ले जाने के लिये हर नागरिक के कर्तव्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हर वर्ग को ध्यान में रख कर देश के विकास में हर नागरिक के योगदान के लिए प्रेणनादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने सामजिक समरसता की बात की। उन्होंने हिंदी भाषा के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। आज के समय में ओटीटी प्लेटफार्म पर जो गलत गतिविधियों प्रसारित होती है उसके लिए भी चिंतित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में हिंदुओं से अपने छोटे-छोटे अहंकार को भूलाकर संगठित होने की अपील की। उन्होंने भारत की संस्कृति को प्राथमिकता से अपने उद्बोधन में रखा। उनके उद्बोधन में यह भी स्पष्ट हुआ की वर्तमान में हर भारतीय को देश के विकास में अपना योगदान देना है। जिसके लिए उसे सतत प्रयास करना होंगे।