राजनीति करो पर अपने धर्म को न भूलो सेकुलर नेताओ

देश की राजनीति सबको पता है, आज़ादी के बाद से ही नेताओ को नया रोग चढ़ा है सेकुलरिज्म का…
क्योकि खुद को देश पर जो राज करना था इसलिय देश की जनता को भी आज तक गुमराह ही किया…
हाल ही में एक नेता ने फिर विवादित बयान दिया कि भारत मे हिन्दू कभी खतरे में नहीं था, बीजेपी और संघ सिर्फ हिन्दू के नाम पर राजनीति करती है…
लेकिन में ऐसे नेताओं से पूछना चाहूंगा की आपकी पार्टी ने आज तक क्या किया है, हिंदुओ के वोट लेने के लिये सिर्फ उन्हें सेक्युलर ही बनाया है..

हमेशा से ऐसे नेता विवादित बयान देते है, लेकिन क्यो देते है आज तक समझ नहीं आया..ओर इनके इर्द गिर्द घूमने वाले भी कैसे इनके इर्द गिर्द घूम लेते है वह भी समझ नही आया..

हम भी मानते है कि राजनीति अपनी जगह होना चहिए ओर धार्मिक मामले अपनी जगह…फिर आप हमेशा सिर्फ हिन्दू धर्म को ही टारगेट क्यो करते हो..?
मानाकि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है, पर क्या आपने देश को आजतक धर्मनिरपेक्ष रहने दिया..वोटबैंक की राजनीति हेतु सिर्फ एक ही धर्म को सब प्रलोभन दिया…..जब देश धर्मनिरपेक्ष है तो यहां के नियम कानून में भेद भाव आज तक क्यो किया?

रही बात हिन्दू खतरे में है या नहीं….तो आपके पास कोई जवाब है, की हमारे हजारों मंदिरों को किसने तोड़ा….इतिहास साक्षी है कि किसने जोर जबरजस्ती कर धर्मांतरण का काम किया…..आज़ादी के बाद राजनीति पार्टीयो ने टूटे मंदिर फिर से क्यो नहीं बनवाए… आज़ादी के बाद आपने सिर्फ राष्ट्र धर्म क्यो नहीं जगाया…राष्ट्र धर्म मे सबको एक समान का अधिकार क्यो नही दिया…आपने वोट बैंक को लुभाने के लिये हमेशा अपने हिन्दू धर्म को नकारा…राम को काल्पनिक तक कह दिया… आज जब जरूरत पड़ती है तो दिखाने के लिये आप मंदिर भी चले जाते हो…कुछ तो नकली जनेऊ धारी भी बन जाते है….आपको सिर्फ हिन्दू धर्म से खिलवाड़ करना आता है।
आपके पास कोई जवाब नही होगा, आपके जैसे नेताओ के कारण आज अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बंग्लादेश जैसे देश बने….

आपके पास आतंकवाद पर बोलने के लिये कुछ नहीं है, आपको सिर्फ भगवा आतंकवादी दिखते है….धर्म विशेष के आतंकियों को छुड़वाने के लिये आप अपने वकील पैरवी पर लगाते हो…आप कभी जनसंख्या विस्फोट पर नहीं बोलोगे…आप कभी सिख नरसंहार पर नहीं बोलोगे…आप कभी कश्मीर पंडितों पर हुए अत्याचार पर नहीं बोलोगे…
आपके पास घुसपैठियों के लिये बोलने के लिये कुछ नहीं है, क्योकि वह बाद में आपको ही वोट देते है…

कभी जमीर जाग जाए तो गम्भीरता से सोचना इन विषयों पर, की हम राजनिति के चक्कर मे हमारे धर्म को क्यो भूल रहे है…हम आजतक हमारे देश के हर नागरिक में राष्ट्रधर्म को क्यो नहीं जगा पाए सोचना जरूर…बाद में वेसे भी नर्क में समय नही मिलेगा यह सब सोचने के लिये….

विजेंद्र उपाध्याय, देवास

Post Author: Vijendra Upadhyay