तकनीक के साथ भविष्य की तैयारी: विंध्याचल एकेडमी में एआई एवं रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ
कलेक्टर ऋतुराज सिंह बोले— विद्यार्थियों को एआई, रोबोटिक्स और नवाचार से जोड़ना समय की आवश्यकता
देवास। विंध्याचल एकेडमी में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ कलेक्टर ऋतुराज सिंह द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी एवं डिजिटल युग का है इसलिए विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कोडिंग एवं नई तकनीकों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। ऐसी प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, समस्या समाधान की क्षमता तथा नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने अपने संबोधन में मुख्य अतिथि का परिचय देते हुए बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं रोबोटिक्स लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रायोगिक एवं प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी। विद्यार्थी रोबोटिक्स, सेंसर, ऑटोमेशन, प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणाओं को प्रयोग के माध्यम से समझ सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना तथा उनमें नवाचार एवं उद्यमिता की भावना विकसित करना है। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मानसी दिघे ने कहा कि यह लैब विद्यार्थियों को सीखो, प्रयोग करो और नवाचार करो की दिशा में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। कलेक्टर ने नवनिर्मित लैब का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडलों और प्रोजेक्ट्स की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने विभिन्न मॉडल एवं तकनीकी प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिन्हें अतिथियों द्वारा सराहा गया। इस अवसर पर देवास शहर के गणमान्य अतिथि कैलाश चंद्रावत, अनिल सिकरवार, देवकृष्ण व्यास, महिपाल सिंह, राहिल खान, आशीष जैन तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती बीना गुप्ता, डायरेक्टर सार्थक गुप्ता, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सनमीत सिंह खनूजा एवं शिक्षकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन श्रीमती प्रांजल लांबोरे ने किया तथा आभार श्रीमती जसविंदर कौर गांधी ने माना।


