पूछता है यूथसेल देवास कार्यक्रम में गायत्री परिवार के मोबाइल ग्रुप में कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने का प्रयास

-जागरूकता के लिए मोबाइल गु्रप में कोरोना वायरस सम्बन्धित प्रश्नोतरी प्रतिस्पर्धा से 22 जिलो एवं 28 तहसीलों के परिजन रोज कोरोना से जागरूक हो रहे है
-कोरोना आपदा राहत में भोजन पैकेट वितरण का निरन्तर 41 वां दिवस
देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार शाखा देवास द्वारा पूछता है यूथसेल कार्यक्रम में सुबह प्रतिदिन एक प्रश्न वीडियो द्वारा पूछा जाता है जिसका उत्तर गु्रप के सदस्य बड़ी उत्सुकता से देते है साथ हि निरन्तर 41 दिनों से कोरोना आपदा राहत में भोजन पैकेट तैयार कर प्रशासन के सहयोग से वितरण किया जा रहा हैं। गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि गायत्री परिवार देवास द्वारा एक रचनात्मक पहल – पूछता है यूथसेल के अंतर्गत गायत्री परिवार के मोबाइल गु्रप में कोरोना वायरस महामारी से संबंधित प्रतिदिन सुबह 8 बजे प्रश्न पूछा जाता है जिसका उत्तर शाम 5 बजे तक गु्रप के सदस्य बड़ी उत्सुकता से देते है प्रश्नों में अभी तक कोरोना वायरस महामारी को लेकर हर तरह की समस्या एवं बचाव की जानकारियां उत्तर के मध्यम से सबको मिल रही है। श्री चौधरी ने आगे बताया कि गु्रप एडमिन प्रमोद निहाले द्वारा प्रतिदिन सुबह कोरोना वायरस सम्बन्धित प्रश्न वीडियो द्वारा पूछे जाते है जिसका उत्तर गु्रप के सदस्य ऑडियो कॉल से देते है और हर दिन के सबसे उचित उत्तर पर विजेता घोषित किया जाता है। प्रतिस्पर्धा में अभी तक कोरोना महामारी पर इसकी शुरुआत कहां से हुई, कैसे संक्रमण फैलता है, कैसे इससे बचा जा सकता, इससे बचाव हेतु हाथ धोने की सही विधि आदि अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस प्रतिस्पर्धा के सफल संचालन में गायत्री परिवार के केंद्रीय प्रतिनिधि योगेंद्र गिरी एवं महेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतिस्पर्धा में तीन राज्य, 22 जिले, 28 तहसील एवं 150 गाँवो सहित 50 कालोनियों के सदस्य शामिल होकर लाभांवित हो रहे हैं एवं उनके द्वारा दिये गए उत्तर से विजेताओ का चयन कर विजेताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। गु्रप के प्रतिस्पर्धा प्रतिभागी में देवकरण कुमावत, हजारीलाल चौहान, प्रति परमार, नीति श्रीवास्तव, महेश पटेल, सालिगराम सखलेचा, प्रखर पोरवाल, भँवरसिंह सोलंकी सहित अनेक परिजन विजेता रहे है।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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