कोरोना वायरस महामारी के चलते शराब बिक्री समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा
देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्ववाधान में पूरे भारत में कोरोना वायरस के चलते गायत्री परिवार द्वारा शराब बिक्री रोकने संबधी ज्ञापन दिया जा रहा है इसी क्रम में गायत्री परिवार देवास शाखा द्वारा भी शराब बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी अरविन्द चौहान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया ।
गायत्री शक्तिपीठ देवास के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी एवं जिला संयोजक युवा प्रकोष्ठ प्रमोद निहाले ने गायत्री परिवार की पीड़ा और वेदना को बताते हुए कहा कि वर्तमान में कोविड-19 के वैश्विक संकट के चलते हुए पूरा समाज और देश संकट के हालात से गुजर रहा है ऐसे में जबकि समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग अपने व्यापार व्यवसाय बंद करके लॉक डाउन के समर्थन में शासन प्रशासन का सहयोग दे रहा है उस दशा में शराब की दुकानों का खुलना उनके लिए एक बहुत बड़ा आघात पहुंचाने वाला निर्णय है। यह कितनी विंडबना का विषय है कि कल्याणकारी सरकार ने इस लाक डाऊन में संक्रमण कम करने हेतु मंदिर, मस्जिद सहित सभी धार्मिक स्थल, विद्यालय एवं अस्पतालों में ओपीडी बंद कर रखी हैं किंतु शराब की दुकानें दिन में 12 घंटे तक खुली रखी है। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी शराब किसी भी दशा में लाभकारी नहीं मानी जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भी शराब प्रतिरोधक क्षमता को कम करती है और कोरोना जैसी बीमारी के लिए नुकसानदेह हैं। वर्तमान समय में हमारे चिकित्सक, नर्सेस, पुलिस विभाग, सेना के जवान, सफाई कर्मचारी, स्थानीय प्रशासन एवं सामाजिक संगठन अपनी जान पर खेलकर मानव जीवन को बचा रहे हैं ऐसे में यदि नशे के कारण कोरोना वायरस के रोगी बढ़ते हैं तो अधिक खर्च करके भी मौत के तांडव को हम रोक ना सकेंगे, शराब की दुकानों पर सामाजिक दूरी को धता बताती हुई लंबी-लंबी कतारें कोरोना संक्रमण के विस्फोट की तरफ इशारा कर रही है यह एक सर्वविदित तथ्य है कि शराब का सेवन करने वाला एक तबका वह भी है जो आर्थिक संकट के इस विषम दौर से गुजर रहा है जिसे दिन प्रतिदिन आर्थिक सहायता भोजन, राशन और ईंधन दिया जा रहा है यदि उसे शराब खरीदने का मौका मिला तो यह उसके परिवार के प्रति एक विश्वासघाती कदम होगा क्योंकि वह व्यक्ति अपने परिवार की वर्तमान आवश्यकताओं को छोड़कर अपने नशे के शौक को पूरा करने में धन की बर्बादी करेगा, दुर्घटनाएं होगी एवं घरेलू हिंसा व अपराधों में वृद्धि होगी। गायत्री परिवार प्रशासन से निवेदन किया है कि इस वैश्विक महामारी कोरोना के चलते शराब बिक्री पूर्णत: बंद कर समाज को सुरक्षा प्रदान करें। जहां तक राज्यों की आय का प्रश्न है देश में 4 राज्य ऐसे भी हैं जहां शराब पर पूर्ण पाबंदी है फिर भी उनकी आय की व्यवस्था भी तो सुचारू रूप से चल रही है।
विचारणीय यह है कि क्या सरकार को अपनी आय बढ़ाने हेतु यह जहर ही लोगों को बेचना आवश्यक है। अखिल विश्व गायत्री परिवार अनुरोध करता है कि शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति देने पर एक बार पुन: विचार करें वर्तमान में कोरोना वायरस के हालात को देखते हुए शराब की दुकानों को किसी भी दशा में खोलने नहीं दिया जाए। इस आशय का एक ज्ञापन अखिल विश्व गायत्री परिवार शाखा देवास द्वारा मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा गया।

