मुसाफिरों के लिए संजीवनी बना महावीर ग्रुप नराना
मनोज शुक्ला, भौरासा
भौरासा निप्र। नेवरी फाटा पर एसा नजारा देखा जा रहा हे जेसे 1947 मे देखा गया होगा देश के बंटवारे के बाद कोविड 19 की वजह से हुए लॉकडाउन से अब तक की सबसे बड़ी मानव पलायन त्रासदी ने हमारी आर्थिक सामाजिक और विशेषकर राजनीतिक व्यवस्था के खोखलेपन को पूरी तरह से बैपटरी कर दिया है। कई दिनों तक भूखे प्यासे थके हारे अनिश्चितता की तरफ बढ़ते हमारे प्रवासी मजदूर के पूर्णतय ध्वस्त और असंवेदनशील सरकारी व्यवस्थाओं का हाल बयां कर रहे हैं आज मजदूर वर्ग कोरोना वायरस के चलते काफी परेशान व बेहाल है हमारे देश का मजदूर जो पूरे देश के निर्माण विकास उत्पादन के साथ-साथ रोजमर्रा के कार्यों में लगने वाली छोटी-छोटी जरूरतों की पूर्ति का माध्यम बना है आज वही मजदूर अपने पेट की भूख मिटाने के लिए मीलों पैदल, सायकल व ऑटो रिक्शा चलाता नजर आ रहा है उसे तो बस अब अपने परिवार के साथ अपनी भूख मिटाने के अलावा और कुछ दिखाई नहीं दे रहा है बिना कुछ सोचे समझे अपनी गरीबी को अपने कांधे पर लादे नंगे पांव भूखा चलता जा रहा है। मानो जैसे उसे यह मालूम है कि अब उसे अपने वतन घर के अलावा और कहीं भी कुछ भी नहीं मिलेगा सरकारों के बड़े बड़े वादे अब झूठे नजर आ रहे हैं मजदूर जो सालों से जहां काम करता नजर आ रहा है आज उसे उसी जगह पर कोरोना के चलते हुए दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है इसलिए अब परेशान होकर अपने घर लौटने के लिए मजबूर हो चुका है यहां नेवरी फाटा पर स्थित क्षत्रीय अमृत तुल्य रेस्टोरेंट पर मुसाफिरों को रोक रोक कर ग्राम नराना के समस्त समाज सेवी बाहर से पधारे लोगों के ठहरने की व्यवस्था कर रहे हैं सुबह से यहां पर समाजसेवी कार्यकर्ता व युवा इकट्ठे हो जाते हैं और बाहर से पधारे मुसाफिर लोगों की सेवा में लग जाते हैं इसमें ग्राम नराना के महावीर ग्रुप के 30 से 40 युवा साथी अपनी सेवा यहां पर दिन-रात दे रहे हैं यहां पर मुसाफिरों के लिए भोजन के पैकेट बनाए जा रहे हैं व यहीं पर मुसाफिरों को भोजन भी कराया जा रहा है जिसमें पूड़ी सब्जी सेव सहित सलाद के साथ भोजन कराया जा रहा है भोजन के पश्चात चाय भी पिलाई जा रही है यहां पर जो भी मुसाफिर रुक रहा है वह भोजन प्रसादी करने के बाद इन महावीर युवा ग्रुप को धन्यवाद देता नजर आ रहा है वही इन युवा ग्रुप के साथ ग्राम के और भी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं हर कोई इसमें मदद कर रहा है वहां पर सोशल डिस्ट्रेसिंग का भी बखूबी पालन किया जा रहा है जैसे ही यहां पर मुसाफिर उतरता है रुकता है तो उसे पहले बुलाकर सैनिटाइज किया जाता हे सेनेटाइजर से हाथ धुलाए जाते हैं इसके बाद साबुन व पानी से हाथ धुलाई जाते हैं जिसके बाद इन्हें भोजन प्रसादी के लिए बुलाया जाता है इस व्यवस्था में ग्राम के ओमप्रकाश जी पटेल, विक्रमसिंह पटेल की ओर से विशेष सहियोग, हीरासिंह बड़वाया पुर्व सरपंच, जिवन बड़वायया, यशवंतसिंह चावड़ा, प्रकाश बड़वाया, डा. टी. आर. केलवा, नारायणसिंह चावड़ा, सोहन बडवाया, दिलिप बड़वाया, हुकुम गोड़, ईश्वर गोड़, साहेबसिंह चावड़ा, शेखर बड़वाया, पंकज सिसोदिया, अरुण गोड़, लखन पिछोलिया, वीरेंद्र बड़वाया, पंकज बड़वाया, अखिलेश बड़वाया, संदीप केलवा, विजय चावड़ा, अभीमन्यू बड़वाया, गोकुल पिछोलिया, विनोद पिछोलिया, दिलराज गोड़, चेतन अश्विन गोड़, गोलू गोड़, शेलेंद्र पटेल, राजपाल सिंह चौहान, अनिल चावड़ा, दिनेश गोस्वामी, अनिल विश्वकर्मा, अमन धाकड, विष्णू पिछोलिया, शुभंम बड़वाया, देवेन्द्र पिछोलिया, श्याम भानेज, क्षत्रिय अमृततुल्य सहित समाजसेवी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

