देवास। देवास जिले के सोनकच्छ, बागली, टोंकखुर्द में समर्थन मूल्य खरीदी का गेहूं खुले में रखा रहने से हुई बारिश से भीग गया। बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि से बारिश शुरू हो गयी थी। ऐसे में कृषि उपज मंडी में खुले में रखा हजारो क्विंटल से अधिक गेहूं बारिश में खराब हो गया। समर्थन मूल्य से इसका आकलन करें तो करोडो रुपए का गेहूं भीगा है।
किसान समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर एक सप्ताह से उपज लेकर लाइन में लगे रहे। खरीदी नही होने से किसानों ने इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे को जाम भी किया दिया था। किसानों का कहना था कि हमारी उपज खरीदी जाए, हम यहां रात-दिन खड़े होकर परेशान हो गए हैं। इसके बाद देवास विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार भी खरीदी केंद्रों पर निरीक्षण करने गई थी। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त करते हुए बड़े तौल कांटे से खरीदी का कार्य शुरू करवाया। बाद में किसान की उपज खरीदी गई। उपज खरीदी का परिवहन नहीं होने से जिलभर की अनाज मंडी उपज से भर गई और वह वेयरहाउस तक नहीं पहुंच पाया। इसके अलावा बारदाने की भी कमी ने काफी हद तक शासन-प्रशासन को परेशान किया। आखिरकार बे-मौसम बारिश हुई और हजारों क्विंटल गेहूं गीला हो गया, जिससे शासन को करोड़ों के नुकसान का अनुमान है।
सवाल यह उठता है की समर्थन मूल्य खरीदी का गेहूं मंडीयो में बारिश से हजारो क्विंटल हुआ खराब इसका जिम्मेदार कौन?



