डॉक्टर ब्लैकमेलिंग कांड ने पकड़ी रफ्तार

डॉक्टर ब्लैकमेलिंग कांड ने पकड़ी रफ्तार

5 महिला डॉक्टरों की शिकायत पर कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार, ठगी और धमकी के नए मामले भी सामने आए

देवास। विगत दिनों से देवास में ब्लैकमेलिंग कांड का किस्सा पूरे शहर ही नहीं पूरे प्रदेश में चल रहा है। जहां डॉक्टरों का गोरखधंधा और मीडिया का ब्लैकमेलिंग का तरीका उजागर हुआ है। जो एक अंतरराज्यीय गिरोह के साथ मिल कर हुआ।

यह गिरोह देश के ओर भी कई बड़े शहरों में इस प्रकार की घटना को अंजाम दे चुके है। इनका आसानी से डाक्टरों के पास पहुंच कर भ्रूण हत्या और परीक्षण पर चर्चा करना और डाक्टरों द्वारा बड़ी रकम लेना आम बात दिख रही है।

लेकिन एक बात तो साबित होती है कि पैसे के लिए भले डॉक्टर हो या मीडियाकर्मी किसी भी हद तक गिर जाते है। चाहे कितना ही अनुचित कार्य करना पड़े। अब यहां काम पुलिस प्रशासन का शुरू होता है कि वह किस प्रकार इस गिरोह का खुलासा करते है और न्यायपालिका दोनों पक्षों में से किस को कितनी सजा देती है।

देवास में पिछले चार दिनों से चर्चित डॉक्टर ब्लैकमेलिंग कांड लगातार नए खुलासों के साथ आगे बढ़ रहा है। यह मामला पूरे मध्यप्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि जिले में पहली बार इस तरह का अंतरराज्यीय गिरोह सामने आया है और करीब 40 लाख रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार अब तक 5 महिला डॉक्टरों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और आवश्यक सबूत भी प्रस्तुत किए हैं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग 4 प्रकरण दर्ज किए हैं। मामले में अब तक राजेश धनेचा, राम माल्या, सरीफा शेख, विजय अरोरा, सिमरन और श्रीकांत उपाध्याय को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से तीन आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है, जबकि तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। बीती रात श्रीकांत उपाध्याय को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस द्वारा आरोपियों के पास से कुछ राशि भी जब्त की गई है और मामले में लगातार जांच जारी है। टीआई श्यामचंद्र शर्मा के अनुसार अभी और जानकारी जुटाई जा रही है और यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

एक अन्य मामले में भी प्रकरण दर्ज

इसी मामले से जुड़े एक अन्य प्रकरण में शहर कोतवाली पुलिस ने राजेश धनेचा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया है। फरियादी रवि दायमा पिता रमेश दायमा ने शिकायत में बताया कि राजेश धनेचा निवासी बजरंग नगर देवास और महेंद्र पटेल निवासी ग्राम मेंढकीचक ने जमीन खरीद के नाम पर उनसे करीब 50 लाख रुपये लिए। बाद में पता चला कि उक्त जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई है। फरियादी के अनुसार आरोपियों ने 26 लाख 5 हजार रुपये वापस कर दिए, लेकिन शेष 23 लाख 95 हजार रुपये अभी तक नहीं लौटाए हैं। जब बकाया राशि मांगी गई तो आरोपियों द्वारा गालीगलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने महेंद्र पटेल और राजेश धनेचा के खिलाफ धारा 420, 406 और 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Post Author: Vijendra Upadhyay