पंच परिवर्तन को अपनाकर देश को सुरक्षित रखना है : अभिषेक गुप्ता

पंच परिवर्तन को अपनाकर देश को सुरक्षित रखना है : अभिषेक गुप्ता

संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन

देवास। संघ के शताब्दी वर्ष में देशभर में प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन हो रहा है। इसी क्रम में सोनकच्छ एवं पिपालराव खण्ड की प्रबुद्ध जन गोष्ठी का आयोजन सोनकच्छ के माधव मांगलिक परिसर में संपन्न हुआ। इस गोष्ठी में मुखवक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत के सह व्यवस्था प्रमुख अभिषेक गुप्ता के साथ के साथ सोनकच्छ खण्ड संघचालक सतीश तिवारी एवं पिपालरवा खण्ड संघचालक योगेंद्र दांगी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन कर हुआ।

प्रमुख जन गोष्ठी के मुख्यवक्ता अभिषेक गुप्ता ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि को समझाया, साथ ही संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन से परिचय पर प्रकाश डाला। संघ की 100 वर्षों की यात्रा के बारे गुप्ता ने बताया की स्थापना के बाद से संघ के स्वयंसेवकों ने समाज जीवन जैसे शिक्षा, सेवा, श्रम, किसान, महिला सशक्तिकरण आदि में विभिन्न संगठनों का कार्य भी प्रारंभ किया जिनमें स्वंयसेवकों ने सदैव राष्ट्रीय सुरक्षा एवं राष्ट्रीय एकता का महत्व दिया है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश विभाजन तक संघ की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि विभाजन के समय संघ के स्वयंसेवकों ने अपने प्राणों की चिंता किए बिना हजारों हिंदू परिवारों को सुरक्षित भारत लाकर बसाने का कार्य किया, साथ ही 1962 के भारत-चीन युद्ध तथा 1971 के भारत-पाक युद्ध सहित जब-जब देश पर संकट आया, संघ के स्वयंसेवकों ने राष्ट्रसेवा का उच्चतम उद्धरण प्रस्तुत किए। गुप्ता ने संघ के शताब्दी वर्ष में सभी पंच परिवर्तन को अपनाने का आह्वान किया। इसमें नागरिक शिष्टाचार, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता तथा स्व के बोध जैसे विषयों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी। आपने बताया कि देश को परम वैभव तक ले जाने के लिए समाज के प्रमुख जनों को साथ में कार्य करने की आवश्यकता है इसमें ही देश की सुरक्षा निहित है।
जिज्ञासा-समाधान सत्र में युवा प्रतिभागियों ने अभिषेक गुप्ता से संघ एवं समाज से सम्बंधित विभिन्न विषयों अपनी प्रश्न के रूप में जिज्ञासाए प्रकट की जिसका समाधान एवं उत्तर अभिषेक ने दिया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम गान के साथ हुआ।

Post Author: Vijendra Upadhyay