पूछता है देवास- कोरोना बचाव को लेकर माता टेकरी पर सिर्फ दिखावा क्यों?

देवास। देवास में 8 जून के बाद गाइडलाइन के अंतर्गत धार्मिक स्थल खुल चुके है। जिसको लेकर हर धर्मीक स्थल को प्रशासन द्वारा दी गई गाइड लाइन का पालन करना पड़ रहा है। जो कि देवास की माता टेकरी पर भी लागू होता है। चूंकि माता टेकरी की व्यवस्था माँ चामुंडा देवस्थान प्रबंध समिति के अंतगर्त आती है। जिसे देवास प्रशासन खुद देखता है।


लेकिन यहां पर गाइडलाइन का पालन नही किया जा रहा है। मंदिर में प्रवेश में सभी भक्तों की थर्मल स्किनिंग जरुरी है जो कि पहले दिन ही हुई थी उसके बाद से यह व्यवस्था भंग पड़ी है। न ही वहा हमे कोई दिखा जो यह कार्य कर सके।

वही हर भक्तों को प्रवेश के पहले अपने हाथों को धोना या सेनेटाइज करना जरूरी हैं। बड़ी माता मंदिर में सेनेटाइजर तो रखा है पर उसे कोई करने वाला नहीं है। यहाँ भक्तों को खुद अपने हाथ से सेनेटाइज की बोटल को उठा कर करना पड़ रहा है। ऐसे में कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति उसे छूता है तो अन्य लोगो के संक्रमित होने की संभावना बनती है। यही सवाल जब हमने वहा ड्यूटी दे रही सरकारी महिला कर्मचारी से की तो उनका जवाब था की बीमार व्यक्ति मंदिर नहीं आएगा। शायद इन्हे यह जानकारी नहीं है की कुछ केस ऐसे भी आये है जो व्यक्ति स्वस्थ तो दिखते थे लेकिन बाद में उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव प्राप्त हुई है।

वही छोटी माता पर हैंड फ्री मशीन तो लगी है पर वह ऑपरेट ही नहीं होती है। मशीन में जिस बोटल का उपयोग होना चाहिए उस बोटल का उपयोग हो ही नहीं रहा है. बल्कि हाथ से उपयोग करने वाली बोटल मशीन में लगी है। ऐसे में दर्शन करने आये व्यक्ति को खुद उसे उपयोग करना पड़ता है। जिसे छोटे बच्चे, महिलाए, बुजुर्ग भी उपयोग कर रहे है और छू रहे है। मतलब यहां भी संक्रमण का खतरा है। वही अन्य मंदिरो की बात करे तो मंदिरो में घंटिया लगी हुई है जिसे कोई भी बजा सकता है। हनुमान मंदिर की घंटी पर हमारे द्वारा सवाल करने के बाद पुजारी ने उस पर चुन्नी बाँधी।

जहाँ तक सामाजिक दूरी ओर मास्क की बात है तो वह कुछ व्यक्ति खुद उसका पालन कर रहे है। लेकिन कितने ही अन्य नियम है जिसका पालन लोग नहीं’कर पा रहे है। जैसे की छोटी माता पर रेलिंग लगी है जिस पर उसे नहीं छूने की सुचना भी है लेकिन कोई मानता नहीं है और आराम से टिक कर खंडे भी हो जाते है और छू भी रहे है। ऐसे में उन्हें कोई रोकने वाला भी नहीं है। एक सरकारी महिला कर्मचारी जिसकी ड्यूटी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक की है वह खुद 11 बजे ऊपर जाते मिली मतलब वह अपनी ड्यूटी के समय से 1 घंटा लेट थी।

अब ऐसे में सवाल यह उठता है की – कोरोना बचाव को लेकर माता टेकरी पर सिर्फ दिखावा क्यों? उसका वहा सख्ती से पालन क्यों नहीं करवाया जा रहा है। इस विषय पर हमारी चर्चा देवास एस.डी.एम. प्रदीप सोनी से हुई तो उन्होंने आश्वासन दिया है की सभी नियमो का पालन सख्ती से किया जायेगा। अब आगे इस व्यवस्था को में खुद देखता हूँ।

Post Author: Vijendra Upadhyay