देवास/ अमलतास हॉस्पिटल प्रबंधक विजय जाट द्वारा बताया गया कि डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमितों का उपचार किया व कोरोना वार्ड प्रभारी डॉ. अश्विन सोनगरा व उनकी टीम द्वारा स्वास्थ्य सेवा को लेकर जिस प्रकार योगदान दिया है वह काफी सराहनीय रहा। वही कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर भी यहां विशेष रूप से व्यवस्थाएं की गई है, वही बच्चों के लिए एनआईसीयू भी बनाया गया है। कोरोना को लेकर पहली और दूसरी लहर आने पर अमलतास हॉस्पिटल के मौजूद डॉक्टरों ने मरीजो का उपचार किया व उन्हें स्वस्थ्य किया गया था। डॉक्टर डे पर ऐसे डॉक्टरों को अमालतास हॉस्पिटल द्वारा सम्मानित कर बधाई दी गई।
इस अवसर पर अमलतास हॉस्पिटल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। डॉक्टरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एवं परिवारों से दूर रहकर मरीजों की सेवा की थी। भगवान रूप कहे जाने वाले डॉक्टरों ने इस बार कोरोना काल में यह साबित कर ही दिया कि वह भी किसी मरीज को जीवन दान देने के लिए भगवान तुल्य है। वैसे कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर से काफी घातक साबित हुई जिसमें काफी बचाव के बाद भी कई डॉक्टर भी कोरोना से संक्रमित हुए इसके बावजूद मरीजों का उपचार पूरे जज्बे के साथ किया था। अमलतास अस्पताल एक ऐसा अस्पताल है जहां के डॉक्टरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि परिस्थिति कैसी भी हो मेहनत और लगन से सब ठीक किया जा सकता है उसी का परिणाम रहा कि अमलतास अस्पताल का रिकवरी रेट काफी अच्छा रहा है। कर्म के प्रति अपना धर्म निभाने वाले इन डॉक्टरों को डॉक्टर डे पर बधाई देकर उपस्थित अतिथियों द्वारा स्वागत कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अमलतास हॉस्पिटल के संस्थापक सुरेश सिंह भदौरिया, चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में संस्था के डीन डॉ. शरद चंद्र वानखेड़े, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डी.जी.कुलकर्णी ,पी.जी.डायरेक्टर डॉ. सुधा श्रीवास्तव, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. ए.के.पीठावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगत रावत, डॉ. राजकुमार माथुर उपस्थित रहे।

