प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार को लेकर निगमायुक्त व कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया

  • आवंटन में मुस्लिम वर्ग को लाभ देने का आरोप

देवास। प्रदेश व केंद्र की भाजपा की सरकार गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मल्टियां बनाकर उसमें नाममात्र के दर पर फ्लैट उपलब्ध करा रही है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम में बैठे कुछ तथाकथित अधिकारी इसमें भी पक्षपात कर पात्र लोगों को लाभ से वंचित कर रहे है। हाल ही में चाणक्यपुरी स्थित आजाद नगर में नगर निगम द्वारा बनाई गई मल्टी में एक लाख 96 हजार रुपये नगद लेकर फ्लैट बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके लिए सहायक यंत्री शाहिद अली, महिला उप यंत्री उनेजा खान व एक कर्मचारी जाकिर अली को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनके अलावा नगद राशि लेकर फ्लैट बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, तब इन पर वहां पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया था कि ये तीनों अधिकारी-कर्मचारी मुस्लिम वर्ग से ताल्लुक रखते है और इनके द्वारा ग्राउंड मुस्लिम वर्ग को दिया गया है और हिंदू धर्म के पात्र लोगों को ग्राउंड फ्लोर पर फ्लैट देने से इंकार कर दिया। यह आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर भी इस तरह की पोस्ट आने लगी और जाग्रत हिंदू समाज के बैनर तले हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया तथा गुरुवार की सुबह 11 बजे नगर निगम पहुंचकर आंदोलन किया। इनका आरोप था कि इंजीनियर शाहिद अली व उनके अधीनस्थों द्वारा पक्षपात किया गया है और मल्टी में ग्राउंड फ्लोर पर मुस्लिम वर्ग के लोगों को फ्लैट उपलब्ध कराए गए है, इसीलिए फ्लैट का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की जाए। हिंदू संगठन का आरोप है कि इन अधिकारियों ने एक दिन पहले ही ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट बाले-बाले बेच दिये थे। इसी तरह अधिकारियों ने पुष्पकुंज कालोनी में एक अपात्र व्यक्ति जहीरउद्दीन खान को भी प्रधानमंत्री आवास के नाम पर 1 लाख रुपये दे दिये है। जबकि उसका पहले से ही दो मंजिला मकान बना हुआ है। दूसरी किश्त उसके खाते में आती, उससे पहले ही मामला उजागर हो गया, किंतु अभी तक न तो राशि वसूली गई है और ना ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। 

भृत्य को माला पहनाकर सौंपा ज्ञापन

हिंदू संगठन द्वारा किए गए आंदोलन को देखते हुए निगम परिसर में बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस बल ने आक्रोशित हिंदू कार्यकर्ताओं को नगर निगम के अंदर घुसने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान निगम कमिश्नर विशाल सिंह को पुलिस ने ज्ञापन लेने के लिए नीचे बुलाया। जब निगम आयुक्त ज्ञापन लेने के लिए नीचे आए तो आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन देने से इंकार कर दिया। बाद में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बुलाकर पहले उसे पुष्प माला पहनाई और फिर उसे ज्ञापन दिया। साथ ही हिंदू संगठन के नेताओं का कहना है कि यदि निगम प्रशासन ने आवंटन प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई तो हम न्यायालय भी जाएंगे। 

हिंदू संगठन का आरोप गरीब मुस्लिमों को नहीं मिले मकान

हिंदू संगठन द्वारा फ्लैट को लेकर किए गए आंदोलन के दौरान उन्होंने सिर्फ हिंदुओं का पक्ष नहीं लिया, बल्कि यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में गरीब मुस्लिम को मकान नहीं मिले है, बल्कि धनाड्य मुस्लिमों ने नगद राशि 1 लाख 96 हजार रुपये देकर फ्लैट हथिया लिये है, क्योंकि गरीब चाहे हिंदू या हो मुस्लिम एक साथ इतनी बड़ी राशि ला ही नहीं सकता है। आरोप यह भी लगे है कि जिन लोगों के पास पहले से ही बड़े-बड़े मकान है, उन्हें भी फ्लैट आवंटित कर दिए गए है। 

क्या कहना है निगम आयुक्त का

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाई गई मल्टी में जो फ्लैट बेचे जा रहे है, उसमें पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। यदि फिर भी कोई शिकायत आती है तो हम जांच कराएंगे। फिलहाल हमने दो ओर उपयंत्रियों को नियुक्त कर दिया है। जहां तक हिंदू-मुस्लिम की बात है तो किसी भी शासकीय कार्य में धर्म के आधार पर कोई कार्य नहीं किया जाता है।


Post Author: Vijendra Upadhyay