गीतांजलि ग्रुप का 20वां संगीत आयोजन सम्पन्न, उज्जैन एवं इंदौर के कलाकारों ने भी दी प्रस्तुति

देवास। शौकिया गायकों के भीतर छुपे कलाकार को एक पारिवारिक मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गए गीतांजलि सिंगिंग ग्रुप में प्रत्येक माह कराओके ट्रैक्स पर आधारित प्रोग्राम किए जाते है। जहाँ परिवार के साथ बैठकर संगीत का मजा उठाया जाता है। शहर के शौकिया गायकों के ग्रुप गीतांजलि का 20वा संगीत कार्यक्रम एक निजी होटल में कोविड 19 शासन की गाइड लाइन का पालन के साथ सम्पन्न हुआ। संचालन उदय टाकलकर तथा डॉ. जुगल किशोर राठौर ने किया।

कार्यक्रम में अभय मुले, उदय टाकलकर, जितेंद्र शुक्ला, डॉ. जुगल किशोर राठौर, चरणजीत अरोरा, दीपक कर्पे, भागवत ताई, डॉ. अनुराधा सूपेकर, राजेश पटेल, मनीष उपाध्याय, डांगे जी, कमलजीत सिंह, रिनू खनूजा, शर्मिला शुक्ला, अक्षित शुक्ला, अरविंदर खनूजा, विनोद चौहान, दिनेश बावने, डॉ. कृतिका, दुर्गेश यादव, हर्षदा चालीसगांवकर, नवीन सोनी, रमेश चौधरी, रोहित टाकलकर, संतोष रेकवाल, सुलोचना बेलापुरकर ने भाग लिया।  श्रोता के रूप मे मेघना टाकलकर, पुष्पेंद्र राठौर, वेदप्रकाश चौरसिया, हेमलता रेकवाल, मोहन वर्मा, हसनीत कौर, अनिल मजूमदार, सुमित चालीसगांवकर, सुनील पॉल, मीना मजूमदार, डा वाटवे, आराध्या, तृषा, अपूर्वा आदि शामिल हुए। उक्त आयोजन में देवास, उज्जैन तथा इंदौर के करीब 26 कलाकारों ने भाग लेकर एक से बढक़र एक सोलो तथा डुएट के 52 गीतो की प्रस्तुतियां दी। जिसमे 5 प्वाइंट स्केल पर श्रीमती हर्षदा चालीसगंवकर और रोहित टकलकर के बेहतरीन गीत को चुना गया। जिसे कार्यक्रम के अंत में आदरणीय अरोरा डांगे, अनुराधा अरोरा के द्वारा एक खुबसूरत ट्राफी से सम्मानित किया। तत्पश्चात रात्रि सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 

Post Author: Vijendra Upadhyay