जिला अस्पताल की बदल गई तस्वीर
कोरोना की संभावित तीसरी लहर के पूर्व 248 ऑक्सीजनयुक्त बेड किये तैयार,
120 बेड का मेटरनिटी वार्ड, कुल 400 बेड का बना जिला अस्पताल
ओपीडी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा हुई वातानुकूलित, शीघ्र लगेगी नई लिफ्ट
500 ऑक्सीजन सिलेंडर, 70 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन की व्यवस्था
110 प्रकार की जॉच अत्याधुनिक मशीनों से पीपीपी मोड पर संचालित
देवास, 11 अगस्त 2021/ कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के मार्गदर्शन में देवास जिला अस्पताल का कायाकल्प किया गया है। अब जिला अस्पताल देवास की तस्वीर बदल गई है। जिला अस्पताल जिले की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा देने वाली संस्था है। जहां जिले की विभिन्न अस्पतालों से मरीज रेफर होकर भी आते है। कई वर्षों से कायाकल्प में प्रयासरत जिला अस्पताल अब आदर्श अस्पताल बन गया है।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने 17 जुलाई देवास भ्रमण के दौरान जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले में बहुत अच्छा काम किया गया है। देवास जिला अस्पताल अन्य जिलो के लिए उदाहरण बनेगा। देवास जिला अस्पताल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत होगा तथा अन्य जिलों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी। जिला अस्पताल का कायाकल्प होने पर सांसद श्री महेंद्र सिंह सोलंकी और विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार ने 18 जुलाई 2021 को गणेश पूजन कर व फीता काटकर कर किया जिला अस्पताल का उद्घाटन किया था।
डॉ एम.पी शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल के कायाकल्प में बहुत से कार्य किये गये। जिला अस्पताल देवास कुल 400 बेड व 15 वार्ड का अस्पताल है। अस्पताल में डायलिसिस यूनिट मे 06 बेड, आईसीयू में 10 बेड, जन्म से 28 दिन के बच्चों के लिए एसएनसीयू 20 बेड, न्यू नेटल एचडीयू मे 10 बेड, इमरजेंसी वार्ड में 10 बेड टीबी वार्ड में 10 बेड, मेटरनिटी वार्ड में 120 बेड, कोविड-19 एचडीयू 24 बेड, मेल सर्जिकल/मेल आर्थोपेडिक 30 बेड, फीमेल सर्जिकल/फीमेल आर्थापेडिक 30 बेड, बच्चों का पीआईसीयू 30 बेड, जनरल आईसीयू 24 बेड, आइसोलेशन 20 बेड, कैंसर वार्ड 6, आई वार्ड 20 बेड है।
डॉ एम.पी शर्मा ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर से पूर्व 2 वार्ड में ऑक्सीजन युक्त 60 बेड थे। वर्तमान में संभावित तीसरी लहर के पूर्व जिला अस्पताल देवास के 10 वार्ड में आक्सीजन लाईन से कनेक्ट कर ऑक्सीजनयुक्त 248 बेड तैयार किये गये है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए वर्तमान में 500 ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। जिला अस्पताल देवास में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 70 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन लगाई है। जिससे आवश्यकता अनुसार आक्सीजन उपलब्ध है। जिला अस्पताल देवास में पूर्व में 180 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध थे। कोरोना काल मे विधायक निधि ऑक्सीजन प्लांट का इन्टालेशन क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता में संचालित एवं शासन द्वारा दूसरा ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत क्षमता 1500 लीटर प्रति मिनट क्षमता में इंस्टॉलेशन किया जा रहा है।
डॉ एम.पी शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में डायलिसिस, कोविड-19 आईसीयू, इमरजेंसी ब्लड बैंक, अत्याधुनिक मशीनों से युक्त पैथोलॉजी जिसमे ऑटोमेटिक मशीनो से 110 प्रकार की जॉच सुविधा के साथ स्थापित पीपीपी मोड पर संचालित, सिटी स्कैन (16 स्लाइस) जॉच सुविधा पीपीपी मोड़ पर संचालित, मैनुअल एक्सरे के साथ डिजिटल एक्स-रे मशीन 500 एमएम एवं डेंटल एक्स-रे मशीन सुविधा, सोनोग्राफी, ईसीजी, अल्ट्रासाउण्ड, कल्पोस्कोपिक मशीन की सुविधा, एआरटी सेन्टर, टीबी यूनिट मे सीबी नाट मशीन, डिजिटल एक्स-रे मशीन, उपलब्ध है।
डॉ एम.पी शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में मेटरनिटी विंग मे सुमन हेल्प डेस्क, शिशु एवं मातत्व स्वास्थ्य सेवायें के लिए मेटरनिटी विंग में पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम रूम, लेबर रूम के माध्यम से वार्ड मे कम्युनिकेशन व्यवस्था। मनोरोग से संबंधित जॉच व उपचार सुविधा, एनसीडी क्लीनिक में 30 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों की देखभाल जॉच उपचार, क्वालिटी सेल- अस्पताल मे उचित मॉनिटरिंग/निगरानी इेकाई आयुष्मान योजना में 5 लाख रूपये प्रति वर्ष प्रति परिवार को निःशुल्क जॉच उपचार सुविधा केन्द्र, रोशनी क्लीनिक में शिशु एवं मातृत्व स्वास्थ्य सेवायें, आर.बी.एस.के कार्यक्रम से 18 वर्ष तक उम्र के बच्चो का निःशुल्क उपचार, एन.आर.सी. में कुपोषित बच्चो की जॉच व उपचार ईकाई। शिशु एवं मातत्व स्वास्थ्य सेवायें टीकाकरण। आकस्मिक चिकित्सा ईकाई 24 घण्टे उपचार सुविधा उपलब्ध। जन्म ,मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा।
सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल देवास मे पुरानी जीर्ण लिफ्ट बंद लिफ्ट के स्थान पर नवीन लिफ्ट लगायी जा रही है। जिला अस्पताल का रिनोवेशन कार्य किया गया, प्रत्येक सेक्शन वार्ड के लिए नवीन फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक व वातानुकूलित लाइट लगाई गई, मरीजों एवं अटेंडरों के लिए ओपीडी क्षेत्र मे बैठक व्यवस्था, जिला चिकित्सालय में गतिविधियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे, आकस्मिक चिकित्सा इकाई का नवीनीकरण, सुविधा युक्त औषधि वितरण केन्द्र, जिला अस्पताल के गेट के बाहर सेड निर्माण, हर्बल गार्डन निर्माण कर जिसमें औषधीय पौधे जैसे तुलसी, नेम, एलोवेरा, आंवला, अश्वगंधा के पौधे का वृक्षारोपण एवं नॉर्मल गार्डन का निर्माण, सुविधा युक्त दो पहिया चार पहिया वाहन पार्किंग की नई व्यवस्था, मेन रोड का निर्माण एवं पेड़ पौधे का वृक्षारोपण, रोड साईड,गार्डन एरीया मे पेवर लगाएं, आकर्षक स्ट्रीट लाइट लगाई गई, जिला अस्पताल की रंगाई पुताई ,मेन गेट प्रवेश गेट पर एसीपी वर्क किया गया, अस्पताल परिसर मे पानी के निकासी हेतु नाली निर्माण , साफ सफाई रखरखाव व्यवस्था दुरुस्त की गई।,
आर.एम.ओ. डॉ एम एस गोसर ने बताया कि जिला अस्पताल मे निर्माण कार्य जारी है। एनएचएम द्वारा माडुलर ओटी का निर्माण कार्य, ई.टी.पी. प्लांट का निर्माण, ओटी लेबर रूम से निकलने वाले संक्रमित जल को असंक्रमित कर नगर निगम ड्रेनेज लाईन मे छोडना तथा कम्पोस पीट निर्माण कार्य जारी है। अस्पताल से निकलने वाले खाद्य पदार्थ के वेस्टेज सामग्री (किचन मे सब्जी के फल के छिलके या अन्य वेस्ट) से खाद निमार्ण कर पेड-पोधों में उपयोग किया जा रहा है।


