खेतों में नरवाई जलाने पर दो किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

खेतों में नरवाई जलाने पर दो किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

देवास। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों तथा मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी निषेधात्मक निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खेतों में गेहूँ की नरवाई (पराली) जलाने वाले दो किसानों के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की गई है। दिनांक 28 मार्च को तहसीलदार श्रीमती पूजा भाटी, पटवारी अखिलेश मालवीय तथा कृषि विस्तार अधिकारी शिवचरण सोलंकी के संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा ग्राम बैरागढ़ (उज्जैन मार्ग) में भ्रमण किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान दो व्यक्तियों को बिना अनुमति अवैध रूप से खेतों में नरवाई जलाते हुए पाए गए।
पुलिस थाना सिविल लाइन, देवास में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 (ए) के तहत दो आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। दल द्वारा बताया गया कि दयाराम पिता चेना 0.49 हेक्टेयर, ओमप्रकाश पिता भेरूसिंह रकबा 0.67 हेक्टेयर में पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज की गई।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष (नरवाई) को किसी भी स्थिति में न जलाएं। नरवाई जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी स्थायी रूप से नुकसान पहुँचाता है। इससे मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, कार्बनिक पदार्थ की मात्रा कम हो जाती है तथा भूमि की उत्पादक क्षमता घट जाती है। किसानों को सूचित किया जाता है कि नरवाई प्रबंधन के लिए कई बेहतर एवं सरकारी सहायता प्राप्त विकल्प उपलब्ध हैं।

Post Author: Vijendra Upadhyay