कैंसर से जंग जीतकर सामान्य जीवन की ओर बढ़ा भूर सिंह
देवास। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का नाम सुनते ही अक्सर मरीज और उसके परिवार के सामने चिंता, डर और आर्थिक परेशानियों की लंबी तस्वीर खड़ी हो जाती है। लेकिन सही समय पर विशेषज्ञ उपचार, जटिल परिस्थितियों में सही सर्जरी और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ कैंसर के खिलाफ जंग जीती जा सकती है। 35 वर्षीय भूर सिंह की कहानी इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण है। भूर सिंह रेक्टम कैंसर से पीड़ित थे। बीमारी के इलाज के लिए उन्होंने पेटलावद, बड़ौदा और इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर उपचार कराया। कई जगह इलाज कराने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। इसके बाद भूर सिंह बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर स्वयं अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल देवास में चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचे। यह एक जटिल और चुनौतीपूर्ण मामला था। मरीज की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद सर्जिकल ओन्कोलोजी के विशेषज्ञ डॉ. उमेश जेठवानी ने उपचार की योजना बनाई। मरीज की लो एंटीरियर रिसेक्शन जैसी जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस कठिन ऑपरेशन में पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत मित्तल, एनेस्थीसिया टीम की डॉ. प्रिया, तथा सर्जिकल टीम के डॉ. कौशल, डॉ. रजत, डॉ. शफक और डॉ. विजय ने उपचार में अपना योगदान दिया। सर्जरी के बाद भूर सिंह की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। आज वे ठीक हैं और सामान्य जीवन रहे हैं। बीमारी के कठिन दौर से निकलकर सामान्य जीवन की ओर लौटना उनके और उनके परिवार के लिए किसी नई जिंदगी से कम नहीं है। इस पूरे उपचार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह भी रही कि आर्थिक परेशानी के कारण इलाज से वंचित होने वाले परिवारों के लिए ऐसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आती हैं। भूर सिंह का पूरा इलाज PMJAY (आयुष्मान) योजना के अंतर्गत अमलतास सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में निःशुल्क किया गया। अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया द्वारा बताया गया की भूर सिंह की कहानी सिर्फ एक सफल सर्जरी की कहानी नहीं, बल्कि उम्मीद, हिम्मत और सही उपचार पर विश्वास की कहानी है। कई जगह इलाज के बाद जब रास्ते मुश्किल नजर आ रहे थे, तब अमलतास सुपर स्पेशलिटीअस्पताल में हुए जटिल उपचार ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी। आज भूर सिंह स्वस्थ हैं, सामान्य जीवन रहे हैं और उनके चेहरे की मुस्कान इस बात की गवाही देती है कि कैंसर की चुनौती के सामने भी उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए।


