देवास। ईश्वर को प्राप्त करना है तो मीरा एवं शबरी के सामान भाव हृदय में लाना होंगे, जब ही गोविंद मिलेंगे। उक्त उद्गार रानीबाग उज्जैन रोड़ स्थित माँ दुर्गेश्वरी उद्यान में चल रही श्री रामकथा की व्यासपीठ से साध्वी हेमलता दीदी सरकार ने कहा कि रामकथा जीवन का संशय मिटाती है, जो व्यक्ति सत्संगी है वही रामकथा सुनने का अधिकारी है। वो माताएं पुत्रवदा है जो श्रेष्ठ योग्य पुत्र-पुत्री को जन्म दे, क्योंकि भारत की प्रगति इन दोनो वर्गो से ही संभव है। श्रीराम का सम्पूर्ण जीवन चरित्र आज युवाओ को आत्मसात करने का उचित समय है, हमारे देश के युवाओ की स्थिति संवेदनशील हो गई है। आलस्य प्रमाद, व्यसन, चरित्र हीनता जैसे अनैतिक कार्य में भारत का वर्तमान और भविष्य दोनो ही खतरे में है। ऐसे समय में श्रीराम का जीवन चरित्र अपनाकर राष्ट्रीय प्रेम की भावना जगानी होगी। एक दूसरे के धर्म का सम्मान करने में ही हमारा और देश का हित है। नर्मदा जयंती पर कथा स्थल पर सैकड़ो की संख्या में उपस्थित महिलाओ ने नर्मदा माय का पूजन कर दीप जलाए। साध्वी जी ने कहा कि माँ नर्मदा कलयुग की गंगा है जो शिव की पुत्री होकर यह एक मात्र ऐसी नदी है जो उल्टी बहती है। कथा पाण्डाल में आपार जनसमुदाय उपस्थित होकर कथा श्रवण कर रहे है।
आयोजक दिलीप बांगर का सम्पूर्ण परिवार कथा व्यवस्थाओ में लगा हुआ है। कथा में पूर्व महापौर जयसिंह ठाकुर, त्रिलोक गृह निर्माण संस्था अध्यक्ष टीपी तिवारी, विश्व हिन्दू परिषद जिला उपाध्यक्ष जसवंतसिंह ठाकुर, रामबाबू बैरागी, प्रवीण सोनी के साथ गणमान्यजनो ने उपस्थित होकर प्रभु श्रीराम का पूजन कर साध्वी जी का स्वागत किया।

