प्रत्येक घर में हो गोमाता का पालन-पोषण : सांसद

  • संस्था भगवाराज के धर्म जागरण अभियान का समापन
  • बांगरदा में हुआ सम्मान समारोह
  • सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी सहित कई अतिथि रहे उपस्थित
    देवास। हमें हर घर को मंदिर बनाना है। गांव के मंदिर से हिन्दू समाज को समरसता का एक संदेष घर-घर तक पहुंचाना है। प्रत्येक जाति और समाज को सिर्फ एक ध्वज के तले एक रूप होकर राष्ट्र निर्माण के पुनित कार्य में संलग्न होना आवश्यक है। यह बात देवास-शाजापुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी ने बांगरदा में संस्था भगवाराज द्वारा धर्म जागरण के अंतर्गत चलाये गए अभियान के समापन अवसर पर कही। ग्राम बांगरदा धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में अभियान के अंतर्गत सहयोग करने वाले अतिथियों एवं मंदिरों के पुजारियों आदि का सम्मान किया गया। साथ ही आगे जिले के हर गांव और हर मंदिर तक पहुंचने का लक्ष्य भी संस्था संयोजक महेश चौहान ने तय किया।
    धर्म जागरण यात्रा के समापन पर सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी ने कहा कि प्रत्येक हिंदू को अपने घर में गोमाता का पालन पोषण करना चाहिए। गोमाता का संरक्षण करने से सम्पूर्ण हिंदू समाज का संरक्षण होता है। उन्होंने संस्था भगवा राज के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने श्री राम जय राम जय जय राम के उद्घोष को प्रत्येक मंदिर पर अंकित करने का जो बीड़ा उठाया है वह अनुकरणीय है। सांसद सोलंकी ने गोशालाओं को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया और कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में हजारों गोशालाएं पूर्ण होंगी और हर गोशाला में गोसेवा की जाएगी।
    जो पहले थे नारे, अब हैं हकीकत
    इस अवसर पर संबोधित करते हुए भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष नंदकिशोर पाटीदार ने संस्था भगवा राज द्वारा किए जा रहे समाजसेवा कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने केंद्र सरकार की मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो कभी सिर्फ नारे हुआ करते थे वे अब हकीकत बन चुके हैं। मोदी सरकार ने लगातार राष्ट्र को विश्व गुरू बनाने के लिए कार्य किया है। इस अवसर पर संबोधित करते हुए राष्ट्रीय कवि शशिकांत यादव ने कहा कि पहले हम नारा लगाते थे कि जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है। यह नारा सही मायने में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने साकार किया और अनुच्छेद 370 एवं 35 ए को खत्म कर सही मायने में कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को एक किया। पूर्व विधायक तेजसिंह सेंधव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखंड भारत को परिभाषित किया। उन्होंने अफगानिस्तान से लेकर बांग्लादेश तक के ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से भारत भूमि पर हुए खिलवाड़ को इंगित किया। श्री सेंधव ने कहा कि देश और धर्म की रक्षा के लिए प्रत्येक युवा को आगे आकर अपना योगदान देना होगा।
    हर मंदिर से होंगे समस्याओं के समाधान
    इसके पूर्व संस्था भगवाराज के संयोजक महेश चौहान ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि अभी हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र के 200 से अधिक गांवों में 500 से ज्यादा मंदिरों पर भगवा ध्वज लगाया गया है और श्री राम जय राम जय जय राम का उद्घोष लिखा गया है। अगले चरण में जिलेभर के मंदिरों तक यह धर्म जागरण यात्रा जाएगी और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर धर्म जागरण कार्य होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मंदिरों की सभी समस्याओं के लिए संस्था कार्य करेगी। चाहे समस्या मंदिर की जमीन की हो या जीर्णोद्धार की, या फिर पुजारियों के वेतन की। हर समस्या को लेकर प्रत्येक मंदिर स्तर पर ही समाधान किए जाएंगे। साथ ही गांवों की अन्य समस्याओं का समाधान करने के लिए भी मंदिर ही महत्वपूर्ण केंद्र होंगे, जो सिंगल विंडो की तर्ज पर विकसित होंगे। इस कार्य में समय लग सकता है, लेकिन समाज के साथ के दम पर यह किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक गांव में एक जलाशय, एक मंदिर और एक श्मशान का संदेश लेकर पूरे हिंदू समाज को समरसता के सुर में पिरोया जाएगा।
    पुजारियों, अतिथियों का किया सम्मान
    कार्यक्रम में संस्था की ओर से सांसद श्री सोलंकी, पूर्व जिलाध्यक्ष नंदकिशोर पाटीदार, तेजसिंह सेंधव, शशिकांत यादव आदि अतिथियों ने विभिन्न ग्रामों के मंदिरों से आए पुजारियों का भगवा गमछा ओढ़ाकर सम्मान किया व भेंट दी। इस अवसर पर अतिथियों का सम्मान संस्था सदस्यों ने किया। संचालन शीतल गेहलोत ने किया। आभार केदार सिंह चौहान बांगरदा ने माना। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता छतरसिंह केलवा, यशवंत सिंह मकवाणा, तेजसिंह राणा, जुगनू गोस्वामी, जगदीश सेन, श्रीराम पटेल बांगरदा, रमेश पटेल अंधरतिया, विक्रमसिंह पंवार बैरागढ़, भंवरसिंह गौड़, राधेश्याम टिमरनी, शंकरलाल बैरागढ़, सतीष चौहान, कैलाश जनपद, जीवन सरपंच, सुरेश सुनेर, विष्णु टांक, जीतेंद्र मकवाणा, राजबहादुर मकवाणा, शुभम चौहान, शुभम पंवार, संतोष पटेल, अनोप सिंह, शुभम बड़वाया, पंकज सोलंकी, संदीप चौहान, सतीष गोस्वामी, अभिषेक गेहलोत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Post Author: Vijendra Upadhyay