अमलतास विशेष विद्यालय के बच्चों ने डी-मार्ट में सीखे आत्मनिर्भरता और लेन-देन के कौशल

अमलतास विशेष विद्यालय के बच्चों ने डी-मार्ट में सीखे आत्मनिर्भरता और लेन-देन के कौशल

देवास- विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से अमलतास विशेष विद्यालय द्वारा एक अनूठी पहल की गई। विद्यालय के विशेष बच्चों को एक शैक्षणिक एवं जीवन कौशल (Life Skills) आधारित भ्रमण के अंतर्गत डी-मार्ट ले जाया गया। इस शैक्षणिक टूर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान से परे दैनिक जीवन में उपयोगी व्यवहारिक कुशलताओं से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने बेहद उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों को दैनिक जीवन में आवश्यक निम्नलिखित महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए।
इस अवसर पर अमलतास विशेष विद्यालय के प्राचार्या डॉ. भारती लाहोरिया ने कहा कि विशेष बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास में इस प्रकार के व्यवहारिक शिक्षण कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कक्षा की पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ जब बच्चे इस तरह के माहौल में खुद जाकर निर्णय लेते हैं, तो उनमें स्वतंत्र रूप से जीवन जीने की क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होती है। यह प्रयास उन्हें समाज का एक सक्रिय और सशक्त हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस भ्रमण के दौरान विद्यालय के विशेष शिक्षक, थेरेपिस्ट और सहायक स्टाफ भी उपस्थित रहा, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया में बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनका मार्गदर्शन किया।
अमलतास ग्रुप के चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया द्वारा बताया गया की अमलतास ग्रुप का यह अनूठा प्रयास इन बच्चों में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ जीवन के ये व्यावहारिक अनुभव ही बच्चों का सच्चा विकास करते हैं।

Post Author: Vijendra Upadhyay