ब्राह्मण समाज का सभी स्थानों पर होने वाला श्रावणी उपा कर्म सुरक्षा की दृष्टि से निरस्त

देवास। आदि काल से ब्राह्मण समाज की परंपरा रही है रक्षा बंधन पर श्रावणी उपा कर्म की जो कि विद्वान पंडितों के आचार्यत्व में विभिन्न स्थानों पर संपन्न होता है। इस वर्ष कोरोना जैसी महामारी का विकराल रूप है शासन के स्पष्ट निर्देश है कि यदि अत्यंत आवश्यक हो तो 5 से अधिक व्यक्ति एक जगह एकत्रित नहीं हो सकते।
परंपरा अनुसार मनाए जाने वाले श्रावणी उपा कर्म के संबंध में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष संजय शुक्ला की अध्यक्षता में सभी उप वर्ग के अध्यक्षों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया कि श्रावणी उपा कर्म सार्वजनिक रूप से न मनाते हुए समाज जन अपने-अपने घर में ही परंपरा का निर्वाह करते हुए नवीन जनेऊ धारण करें
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ एवं गौतम आश्रम, गुर्जर गौड़ महा सभा, मानस शिव भवन, श्री गौड़ ब्राह्मण, बह्मबन्धुत्व, औदुम्बर महासंभा, मंडी धर्मशाला, अन्य उप वर्ग के बैनर तले होने वाले श्रावणी उपा कर्म को निरस्त किया जाता है। उक्त जानकारी पं. रोहित उपाध्याय ने दी।

Post Author: Vijendra Upadhyay