देवास टाइम्स। भले आप देश की बात करे या देवास की, सभी दूर सरकारी तंत्र में काम करने वाले महत्वाकांक्षी अधिकारी आपको मिल ही जायेंगे। हर विभाग में ऐसे तन्त्र सक्रिय है जो अपने वालो को फायदे पहुचाते ही है। कितने ही विभागों में भ्रष्टाचार और अनियमितता देखने को मिलती है।आम आदमी को जब काम करवाना हो तो उसे बिना लेने देंन के इतने नियम बता देंगे कि वह बार बार जाने से कतरायेगा। वही दुसरी ओर रसूकदार या उनसे जुड़े लोगों के काम आसानी से घर बैठे करके दे देंगे।
सरकार के सब विभागों में से नगरनिगम की महिमा ही अलग है। गरीब आज भी कई प्रकार के कागजी काम के लिये चक्कर लगा रहा है। वही तंत्र के लोग वार्ड के हिसाब से अपने लोगो को कागजो पर मजबूत कर रहै है। ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सबसे पहले उनको ही मिले। ऐसे तन्त्रो को बनाने में भी राजनीतिदल के लोगो का ही हाथ है, क्योकि वह अपने शुभ लाभ के चक्कर मे ऐसे लोगो को काम करने के लिये आगे बढ़ाते है। क्योकि ईमानदार ओर सिद्धांत वाले लोगो की हर विभाग में जरूरत नही है।
वही ऐसे अधिकारी जो जरूरत पड़ने पर किसी के भी आगे नतमस्तक हो जाते है, मीठी भाषा बोलते है कुल मिला कर चापलूसी करते है, उन अधिकारियों को ही बड़ी जवाबदारी दी जाती है। जो बाद में अपने लोगो को फायदा पहुचने में लग जाते हैं। बड़े अधिकारी भी उनकी इस कार्य की शैली को पहचान नहीं पाते हैं।
आज जरूरत है ऐसे अधिकारियों को पहचानने की जो हर विभाग को बदनाम कर रहे हैं। वही राजनिति दलों के लोगो को भी अपना शुभ लाभ छोड़ देश और शहर हित मे ऐसे अधिकारियों को हटाने के लिये जोर देना होगा।

