- इटावा के हर घर मे खुद प्रतिमा बनाकर पहुंचाएंगे पंडित आदित्य दुबे
देवास। मिट्टी के श्रीगणेश से प्राप्त होती है गणेश जी की विशेष कृपा। हमारे ग्रन्थों में कही भी प्लास्टर ऑफ पेरिस के गणेश का उल्लेख नही है। व्यापारियों ने अपने हित के लिए ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले मार्ग को ढूंढा है। उक्त बात कहते हुए प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षक आदित्य दुबे ने बताया कि, आने वाले भादों मास में भगवान श्री गणेश की आराधना का पर्व 10 दिवसीय गणेश उत्सव प्रारंभ होने जा रहा है। वर्तमान में अधिकांश लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमा का उपयोग करते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता ही है साथ ही तालाबों से जब यह प्रतिमा खंडित अवस्था में जस की तस बाहर आती हैं तो हमारी धार्मिक भावना और हम सभी की आस्था का भी अपमान होता है। हमारी इसी भूल को सुधारने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं कि हर घर में मिट्टी के श्री गणेश की स्थापना हो। जो कि पानी में आसानी से घुल जाती है और हमारी भावनाएं भी आहत नहीं होती है।
इटावा के प्रत्येक घर में मिट्टी के गणेश की स्थापना हो सके इस हेतु आदित्य दुबे द्वारा स्थानीय जेम्स एकेडमी स्कूल में मिट्टी के गणेश जी बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया एवं मिट्टी के गणेश बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ यशोदा गावंडे, शिवकन्या राठौर, मंगला भावसार, ज्योति बारोड़, हिमांशी बारोड़, सीमा शर्मा, शोभा शर्मा, द्वारा मिट्टी का पूजन कर किया एवं प्रशिक्षण लेकर हाथों-हाथ अन्य सभी ने भी गणेश जी की प्रतिमा का निर्माण भी किया। कार्यक्रम का संचालन ऋचा दुबे ने किया एवं आभार कमलेश राठौर ने माना। कार्यक्रम में रेखा शर्मा, रानी शुक्ला, भावना माते, हृदेश शर्मा, खुशी, आद्या दुबे, आर्यमन दुबे, हिमानी बारोड़ का विशेष योगदान रहा।


