वैक्सीन के प्रथम डोज में देवास शहर आ सकता है प्रदेश में अव्वल

  • 5 अगस्त तक 97 प्रतिशत लोगों ने लगवाया वैक्सीन का पहला डोज

देवास। कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए अन्य उपायों के बजाय वैक्सीन कारगर उपाय साबित हो रही है। इसीलिए प्रशासन से लेकर शासन तक वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर लगातार जोर दे रहे है और अपने शहर, जिले या प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को वैक्सीन लगाई जाए, इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है। देवास जिला प्रशासन भी इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। वैक्सीनेशन कार्यक्रम के शुरुआती दौर में तो देवास पिछड़ रहा था और वैक्सीन सेंटर खाली पड़े हुए थे, किंतु कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के भय ने उन लोगों को भी वैक्सीन सेंटर पर आने को मजबूर कर दिया, जो अभी तक वैक्सीन की खिलाफत कर रहे थे और मुस्लिम बस्तियों में भी वैक्सीन केंद्र पर लंबी-लंबी कतारें देखी गई। इसी का परिणाम रहा कि देवास शहर में अब तक 97 फीसदी लोगों को वैक्सीन का प्रथम डोज लग चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार तक शत-प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाकर देवास शहर प्रदेश में प्रथम नंबर पर आ सकता है। 


हमारी पूरी टीम वैक्सीनेशन को सफल बनाने में जुटी : कलेक्टर

कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला हम शुरुआती दौर से ही वैक्सीनेशन कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास कर रहे है। हमारी पूरी टीम इस कार्य में दिन-रात जुटी हुई थी। जिसके परिणाम अब सकारात्मक आने लगे है। देवास शहर में 2 लाख 21 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था। बुधवार तक 2 लाख 12 हजार 439 लोगों को वैक्सीन का प्रथम डोज लग चुका था और गुरुवार को करीब 7 हजार लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगा है। इस तरह लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 2 लाख 19 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन का प्रथम डोज लग गया है और हमारा प्रयास है कि सोमवार तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर सके। कलेक्टर ने बताया कि संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिए वैक्सीन कारगर उपाय साबित होगी, इसीलिए हम प्रयास कर रहे है कि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन के दो डोज लग जाए, ताकि हमें इस महामारी से लडऩे में कठिनाई का सामना ना करना पड़े। अभी हमने देवास शहर में लक्ष्य हासिल किया है, हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी हम जल्दी ही लक्ष्य की ओर बढ़े। इसके लिए हमारी पूरी टीम काम कर रही है। उन्होंने आम जनता से मास्क लगाने व सोशल डिस्टेसिंग का पालन की भी अपील की है। 

Post Author: Vijendra Upadhyay