पंजाब सिंध बैंक का हुआ शुभारंभ

देवास। शहर में पंजाब एण्ड सिंध बैंक की नवीन शाखा का शुभारंभ बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वरुप कुमार साहा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर बैंक के फील्ड महाप्रबंधक प्रवीण कुमार मोंगिया भी उपस्थित रहें। इसके साथ ही भोपाल अंचल में पंजाब एण्ड सिंध बैंक की शाखांओं की संख्या बढ़ कर 59 हो गई है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वरुप कुमार साहा द्वारा बैंक के नवीन सुसज्जित भवन में फीता काट कर बैंक के 50 ग्राहकों के साथ प्रवेश कर बैंक की परंपरानुसार अरदास की गई। व उसके उपरान्त ग्राहक सम्मेलन को संबोधित किया गया । उनके द्वारा बताया गया कि पंजाब एण्ड सिंध बैंक देश की 115 वर्ष पुरानी बैंक है जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है बैंक के उद्देश्य जहां सेवा ही जीवन का ध्येय है का पालन करते हए बैंक कुल 1 लाख 91 हजार करोड़ के व्यवसाय मिश्र के साथ लगातार व्यवसाय वृद्धि की ओर अग्रसर है। बैंक के आंचलिक प्रबंधक अवधेश नरायन सिंह द्वारा ग्राहकों को संबोधित करते हुए बताया गया कि बैंक के 25 अंचलों में से भोपाल अंचल एक संभावना . युक्त अंचल है ।देवास शहर के गणमान्य नागरिकों से व्यवसायिक सहयोग की आंकाक्षा करते हुए उनके द्वारा बताया गया कि नवीन शाखा का भवन व्यवसायिक दृष्टिकोण से उपयुक्त स्थान पर स्थित है यहां आधुनिकतम फर्नीचर एनवीनतम सॉफ्टवेयर व उर्जावान स्टाफ सदस्यों के साथ शाखा का शुभारंभ किया जा रहा है। बैंक का UNIC एप्प ग्राहक गण को घर एवं कार्यालय से ही बैंकिंग संव्यवहार पूर्ण सुविधा एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न करने की सुविधा प्रदान करता है।
इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों व ग्राहकों के सहयोग से रु 5 करोड़ के व्यवसाय मिश्र के साथ शाखा का शुभारंभ किया गया। साथ ही उक्त दिवस बैंक के नवीन ऋणियों को रु 5 करोड़ के ऋणों के स्वीकृति पत्र भी वितरित किये गए। उपस्थित ग्राहक गण में मुख्य रुप से गुरुद्वारा प्रधान दिलीप सिंह जुनेजा, प्रीतपाल सिंह अरोरा, महेंद्र गुप्ता उपस्थित हुए । नव पदस्थ शाखा प्रबंधक यश धारप द्वारा ग्राहकों को उद्घाटन दिवस पर ही उत्साहजनक व्यवसायिक सहयोग प्रदान करने एवं प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वरुप कुमार साहा के प्रति इस महत्वपूर्ण अवसर पर ग्राहक गण एवं स्टाफ सदस्यों का मनोबल बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया गया।

Post Author: Vijendra Upadhyay