16 वर्षीय किशोर सफल सर्जरी के बाद फिर पैरों पर खड़ा हुआ

16 वर्षीय किशोर सफल सर्जरी के बाद फिर पैरों पर खड़ा हुआ

देवास। अमलतास सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है। झूले से गिरने के कारण सिर को गर्दन से जोड़ने वाली मुख्य हड्डी की गंभीर चोट का शिकार हुए एक 16 वर्षीय किशोर को डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन के जरिए नया जीवन दिया है। चारों हाथ-पैरों की ताकत खो चुका यह किशोर अब बिना किसी सहारे के अपने पैरों पर चलने-फिरने लगा है।

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय किशोर को झूले से गिरने के बाद बेहद गंभीर हालत में अमलतास अस्पताल लाया गया था। चोट के कारण उसके चारों हाथ-पैरों में भारी कमजोरी आ चुकी थी और वह हिलने-डुलने में भी असमर्थ था। कई महानगरों में भटकने के बाद भी मरीज को आराम नहीं मिला एवं जब न्यूरोसर्जरी विभाग में मरीज की बारीकी से जांच की गई, तो पता चला कि उसकी गर्दन की दूसरी हड्डी (सी 2) के ओडोन्टॉइड (डेंस) में फ्रैक्चर हुआ था, जो सीधे तौर पर सिर को गर्दन के साथ जोड़कर रीढ़ की हड्डी को स्थिरता देती है। चिकित्सा विज्ञान में इसे सी 2 (दूसरी गर्दन की हड्डी) का फ्रैक्चर की अत्यंत गंभीर और अस्थिर चोट माना जाता है। ऐसी स्थिति में यदि समय पर सटीक इलाज न मिले, तो मरीज को हमेशा के लिए स्थायी लकवा मार सकता है या उसकी जान भी जा सकती है।

मरीज की क्रिटिकल कंडीशन को देखते हुए अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. राकेश रघुवंशी और उनकी टीम जिसमें डॉ. निखिल, ओटी असिस्टेंट शेखर, नेना और लक्की जाट शामिल थे ने तुरंत सर्जरी का फैसला लिया।

डॉक्टरों की टीम ने अत्यंत जटिल सी 1- सी 2 फिक्सेशन सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस अत्याधुनिक ऑपरेशन में विशेष स्क्रू और रॉड की मदद से गर्दन की ऊपरी हड्डियों को पूरी तरह स्थिर किया गया, ताकि स्पाइनल कॉर्ड सुरक्षित रहे और फ्रैक्चर सही तरीके से जुड़ सके। सफल ऑपरेशन के बाद अमलतास के पुनर्वास विभाग द्वारा मरीज को नियमित फिजियोथेरेपी दी गई, जिससे किशोर अब पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन रहा है। अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया ने डॉक्टरों की टीम को बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा: अमलतास सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य मालवा अंचल और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को बेहद किफायती दरों और शासकीय योजनाओं के लाभ के साथ विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। स्पाइन और न्यूरोसर्जरी से जुड़े ऐसे जटिल व खर्चीले मामले, जिनके लिए पहले मरीजों को बड़े महानगरों की दौड़ लगानी पड़ती थी, उनका इलाज अब हमारे यहाँ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूरी तरह नि:शुल्क और उच्च तकनीक से हो रहा है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आयुष्मान योजना एक वरदान है, और अमलतास हॉस्पिटल इसके माध्यम से हर जरूरतमंद तक सर्वश्रेष्ठ इलाज पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। 16 वर्षीय किशोर का फिर से अपने पैरों पर खड़ा होना हमारी पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है।

Post Author: Vijendra Upadhyay