देवास। वर्तमान में चल रही परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया के उपयोग पर धारा 144 लगा दी है।
देवास जिला सांप्रदायिक एवं अन्य दृष्टि से संवेदनशील है। देवास के कई क्षेत्रों में छोटी-छोटी घटनाओं को लेकर तनाव उत्पन्न होता रहता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए जिले में सुरक्षा शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए और विभिन्न समुदाय वर्ग धर्म एवं जातिगत मुद्दों पर होने वाले प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया WhatsApp आदि इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के माध्यम से आम लोगों की भावनाओं को भड़काने वाले संदेशों का प्रसारण एवं मार्गदर्शन करने वाले तत्व एवं ग्रुप एडमिन के विरुद्ध कार्यवाही हेतु प्रतिबंध लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक देवास के प्रतिवेदन पर दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 मे दिए अधिकारों का उपयोग करते हुए जन सामान्य के हित और लोक व्यवस्था और लोग शांति को बनाए रखने के लिए किसी प्रकार के सोशल मीडिया इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों जैसे मोबाइल कंप्यूटर Facebook ईमेल WhatsApp और अन्य साधनों पर किसी दल संप्रदाय जाति संस्था व्यक्ति विरोधी एवं लोगों की भावना भड़काने वाले आपत्तिजनक मैसेज चित्र कमेंट बैनर पोस्टर को संपूर्ण देवास जिले मे प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति एडमिन ग्रुप आदि के आपत्तिजनक संदेश प्रसारित नहीं करेगा और ना ही किसी को करने देगा। यदि किसी ग्रुप में प्रसारित होते हैं तो व्यक्ति के साथ-साथ एडमिन पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश देवास के अतिरिक्त दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जारी किया है…

