गायत्री परिवार ने जिला जेल में नशामुक्ति का सन्देश देकर किया पौधारोपण

नशा मुक्ति गीत……………..
नशा न करना मान लो कहना प्यारे भाई बहिना होंगी बड़ी खराबी ……सुन ले ओ शराबी !
…… बंदियों को खूब भाया !

देवास । गायत्री शक्तिपीठ युवा प्रकोष्ठ द्वारा प्रति रविवार नशामुक्ति अभियान चलाया जाता हैं इसी कड़ी में जिला जेल में यह आयोजन किया गया ।
गायत्री शक्तिपीठ जनसंचार विभाग के विक्रमसिंह चौधरी एवं विकास चौहान ने बताया कि गायत्री शक्तिपीठ देवास युवा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में साप्ताहिक नशाबंदी आयोजन के अंतर्गत रविवार को 11 बजे जिला जेल देवास में गायत्री परिवार की टीम ने नशामुक्ति का संदेश दिया ।
कन्हैयालाल मोहरी औऱ महेश शर्मा के नेतृत्व में नशाबंदी आयोजन का शुभारम्भ गायत्री महामंत्र के साथ हुआ साथ ही कैदी भाइयो को नशामुक्ति गीत सुनाकर उन्हें उत्साहित किया ।
नशाबंदी के इस आयोजन में युवा प्रकोष्ठ के प्रमोद निहाले ने नशे की परिभाषा देते हुए बताया कि नशा वह मादक पदार्थ है जिसके सेवन से हमारी बुद्धि अपंग होती है सोचने, समझने की शक्ति ख़त्म हो जाती है एवं अपने पर हमारा नियंत्रण नही रहता है साथ ही मनुष्य के 20 वर्षों में होने वाले नशे के खर्चे पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लगभग 12 लाख 80 हजार रुपये खर्च होते हैं ।
गायत्री परिजन हजारीलाल चौहान एवं सालिगराम सकलेचा ने प्रोजेक्टर पर नशे विरोधी प्रभावी फि़ल्म दिखाई जिससे कई बंदी भाइयो ने दुर्व्यशन छोडऩे के संकल्प लिए जिसमे कैदी – राजेश मीणा ने शराब, फुलसिंह ने तंबाकू, राहुल ने बीड़ी सिगरेट, रतन, बालाराम, राजा, पूनम आदि ने भी तम्बाकू छोडऩे का सबके समक्ष संकल्प लिया ।
आयोजन में जेलर डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने सभी बंदियों को नशे की लत से दूर रहने का सलाह दी एवं सबके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।
कार्यक्रम के समापन पर जेल परिसर में जेलर डॉ.लक्ष्मीकांत त्रिपाठी एवं स्टाफ के परिजनों के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत गायत्री परिजनों ने पौधारोपण किया ।
आयोजन में गायत्री परिवार के सुरेंद्र दुबे, देवकरण कुमावत, हिमांशु शर्मा आदि सहित जेल स्टाफ एवं समस्त बंदी उपस्थित थे ।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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