देवास। राज्य विधिक प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देषानुसार 14 जुलाई को शहर मे नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा शहर के भवन, भूस्वामियो जिनकी संपत्तियो पर बकाया संपत्तिकर एवं बकाया जलकर पर लगनें वाले सरचार्ज पर छूट प्रदान की जावेगी।
जिसमे संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमे कर तथा अधिभार की राशि रूपये 50 हजार तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत तक की छूट , 50 हजार से अधिक तथा रूपये 1 लाख तक बकाया होने पर मात्र अधिभार मे 50 प्रतिशत तक की छूट, जलकर के ऐसे प्रकरण जिनमे कर तथा अधिभार की राशि रूपये 10 हजार से अधिक तथा रूपये 50 हजार तक बकाया होने पर मात्र अधिभार मे 75 प्रतिशत की छूट, संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमे कर तथा अधिभार मे की राशि रूपये 1 लाख से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार मे 25 प्रतिशत तक की छूट, जलकर के ऐसे प्रकरण जिनमे कर तथा अधिभार की राशि रूपये 50 हजार से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार मे 50 प्रतिशत की छूट, यह छूट मात्र एक बार ( वन टाईम सटलमेट) ही दी जावेगी। यह छूट वित्तीय वर्ष 2018-19 की बकाया राशि एक मुश्त जमा कराने पर ही देय होगी । यह छूट मात्र 14 जूलाई 2018 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिये मान्य होगी।
नगर निगम आयुक्त विषालसिह चौहान द्वारा नेषनल लोक अदालत के दिवस निगम कार्यालय मे संपत्तिकर, जलकर जिसमे संपत्तिकर के 10 तथा जलकर के 5 एवं लायसेंस फीस का 1 अतिरिक्त काउंटर तथा न्यायालय परिसर मे संपत्तिकर के 2 तथा जलकर के 3 अतिरिक्त काउंटर चालू करने के निर्देष दिये गये है। लोक अदालत के दिन निगम कार्यालय मे प्रात: 8.30 बजे कार्य समाप्ति तक तथा न्यायालय परिसर मे प्रात: 10.30 बजे से सांय 5.30 बजे तक काउंटर खुले रेहगें। निगम द्वारा वर्षाकाल को देखते हुये काउंटरो पर वाटरप्रुफ टेंट लगाये जावेगें तथा करदाताओ की कर भरने की सुविधाओ मे करदाता के संपत्तिकर, जलकर भरने की जानकारी का सूचना काउंटर तथा बैठक व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था भी की जावेगी।
नगर निगम नेषनल अदालत के प्रभारी भास्करराव सरमंडल के अनुसार संपत्तिकर विभाग द्वारा भुमि, भवन के करदाताओ के वार्ड क्रमांक 1 से 45 तक के बडे बकायादारो के संपत्तिकर के 3 हजार प्रकरण तैयार कर 6 करोड 54 लाख 86 हजार 93, कालोनाईजर के 28 प्रकरणो मे 1 करोड 48 लाख 6 हजार 2 सौ 47, मैरेज गार्डन के 26 प्रकरणो मे 82 लाख 8 हजार 9 सौ 89, पेट्रोल पम्प के 9 प्रकरणो मे 8 लाख 24 हजार 2 सौ 15, निगम स्वामित्व की दुकान किरायेदारो के 94 प्रकरणो मे 23 लाख 55 हजार 1 सौ 58, खाद्य, अखाद्य, लायसेंस व्यवसायिको के बकाया रेकार्ड मे 1800 प्रकरणो मे 14 लाख 44 हजार 542 के बिल जारी किए गए हैं।

