डॉ. प्रतिभा शर्मा नि:शुल्क कार्यशाला आयोजित कर बता रही तनावमुक्त परीक्षा के सूत्र

– सवाल जवाब करने वाले बच्चो को दी जा रही नि:शुल्क पुस्तिका
– बोर्ड परीक्षा की अंतिम तिथि तक आयोजित करेंगी कार्यशाला

देवास। परीक्षा का नाम सुनते ही बच्चे तनाव की स्थिति में आ जाते हैं। यह तनाव का सिलसिला परीक्षा देने तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि परिणाम आने तक बना रहता है, इस समस्या से बच्चे ही नहीं बल्कि पालक भी जुझते है। बच्चे तनाव रहित परीक्षा दे, जिससे उनका मानसिक संतुलन बना रहे, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मोटिवेटर एंड काउंसलर डॉ. प्रतिभा शर्मा बच्चों के बीच पहुंची और उन्हें हाउ टू ओवरकम एक्जाम फीयर और गेटवे टू सक्सेस इन बोर्ड एग्जाम (परीक्षा के डर से मुक्ति एवं परीक्षा में सफलता के सूत्र) विषय पर जिले के विभिन्न विद्यालयो जाकर नि:शुल्क कार्यशाला आयोजित कर बच्चो को संबोंधित कर रही है। डॉ. शर्मा विगत 8 दिवसो में अभी तक 6 विद्यालयो में जाकर बच्चो को तनावमुक्त परीक्षा के बारे में कार्यशाला आयोजित कर चुकी है। डॉ. शर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला एवं काउंसलिंग बोर्ड परीक्षा के अंतिम दिनांक तक सतत रूप से जारी रहेगी। कार्यशाला में हजारो बच्चे लाभांवित हो रहे है। कार्यशाला पश्चात सवाल-जवाब करने वाले बच्चो को किशोरावस्था जागरूकता पर डॉ. शर्मा द्वारा रचित पुस्तिका नवचेतना का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है।
डॉ. शर्मा ने अपनी कार्यशाला में बच्चो को बताया कि अध्ययन से पता चला है कि परीक्ष के तनाव से भी याददाश्त कमजोर हो जाती है। हमें याद रखना है कि हम विद्यालय कुछ साबित करने के लिए नहीं गए हैं, बल्कि कुछ सीखने के लिए गए हैं। परीक्षा अगले पड़ाव में जाने का एक अवसर है और डर उसका समाधान नहीं। भय आपकी उर्जा को कम कर नकारात्मकता की ओर ले जाता है। इन्हीं बातों का ध्यान में रखते हुए सफलता के लिए हमें समय प्रबंधन करें अपने आपको हाईड्रेटेड रखें। हर 1 घंटे में 5 मिनट का ब्रेक अवश्य लें और पानी भरपूर मात्रा में पीये। नाश्ता, खाना भी समय पर ले। 6 से 7 घंटे की नींद अवश्य लें। फोकस्ड पढ़ाई करें ध्यान केंद्रित करने के लिए एकांत में पढऩे की आदत रखें, सोशल मीडिया से दूर रहे, अलोम विलोम करने से तुरंत ध्यान लगेगा अगर बहुत जगह ध्यान भटकता है तो हल्का संगीत लगाकर भी पढऩे में ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। बिना सेवा मेवा नहीं मिलता। अंतत: कठिन परिश्रम करें अपने प्रयासों में कोई भी कमी नहीं रहने दे। गणित विषय मे अभ्यास ही काम आएगा। सूत्र सिद्धांत और विधियों के अलग अलग नोट करे। अंग्रेजी में भाषा कौशल का विकास करे। ग्रामर के लिए अच्छी पुस्तक का पालन करे और बुनियादी नियम समझ ले। हिंदी के लिए एनसीईआरटी की पुस्तक पढ़े। व्याकरण मे शब्द, पद की परिभाषा उदाहरण सहित समझे ले। सभी नियमो की सूची बना ले।तथा उदाहरण से नियमो को समझने का प्रयास करें। सोशल साइंस के हर पाठ को समझने का प्रयास करें।महत्वपूर्ण तिथियों का चार्ट बनाये। तिथियों के साथ बहुत से शासकों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम भी जुड़े होंगे तो साथ ही ये नाम भी याद हो जायेंगे। परीक्षा देते समय थ्रीपी फार्मूला को अपनाएं प्लानिंग जिसके तहत आप प्रश्न पत्र को पढऩे के पश्चात किस सीक्वेंस में लिखना है, उसकी प्लानिंग कर ले। दूसरा क्क प्रोसिडिंग जिसमें यह प्लान करें कि पहला पहले हमें दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को लिखना है ताकि बाद में अगर समय कम भी रहा तो हम तनाव में नहीं आएंगे तीसरा प्रुफ रिडिंग इसमें अपने कॉपी अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच करने सही प्रश्न सही नंबर और सारे प्रश्न के उत्तर आप ने दिए हैं या नहीं, सप्लीमेंट्री कॉपी सही जगह पर लगाई है या नहीं की जांच करना सुनिश्चित कर लें।
याद रखिये ये जीवन की अंतिम परीक्षा नही है। किसी प्रश्न का उत्तर नही आता है तो ना ही नकल का प्रयास करें, ना ही निराश हो। नकल का प्रयास जीवन की गुणवत्ता को कम कर देता है। जीवन की शुरुआत छल से नही करे।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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