जीवन का सुनहरा अनुभव परवरिश – आनंद चौकसे

देवास। परवरिश जीवन का सुनहरा अनुभव है, यह एक कला है। उपरोक्त उद्गार आनंद प्रकाश चौकसे (संचालक मेक्रो विजन एकेडमी, बुरहानपुर) ने विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं रोटरी क्लब द्वारा आयोजित स्पर्श एक अनूठा अहसास कार्यक्रम के अंतर्गत कहे। उपरोक्त जानकारी देते हुए योगेश रघुवंशी ने बताया कि श्री चौकसे ने कहा कि परवरिश एक कला है और अभिभावक उसके निर्माणकर्ता है। बच्चे सम्पूर्ण जीवन की पूंजी है। इसलिए हमारे किसी भी अन्य कार्य से कही अधिक महत्वपूर्ण है उनकी परवरिश। हमारी परवरिश पर ही निर्भर करेगा कि बच्चा ऐसे कितने क्षण अपने जीवन में ला पाता है कि उस पर देश, समाज और परिवार गर्व का अनुभव करे।
उन्होने कहा कि अभिभावक बच्चो के लिए समय निकाले, परिवार से ही बच्चे शिष्टाचार व संस्कार सीखते है। बच्चे सिर्फ पढ़ाई से ही आत्म निर्भर नही बनते, उन्हे जीवन मूल्य सीखाना भी आवश्यक है। बच्चो को उनकी रूचि अनुसार नए कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और इस कार्य में अभिभावकों के साथ विद्यालय की भी अहम भूमिता होती है। विद्यालय और अभिभावक दोनो मिलकर बच्चो के स्वर्णिम भविष्य को संवार सकते है। कार्यक्रम में रोटरी क्लब देवास अध्यक्ष सुधीर पंडित और सचिव नवीन नाहर उपस्थित थे। अंत में आभार विद्या भवन पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती वंदना पटेल ने माना। संचालन अनन्या पटेल ने किया। समस्त अतिथियो का स्वागत संध्या गुप्ता, संतोष प्रजापति एवं विनोद लाड़ ने किया।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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