कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने ली पत्रकार वार्ता

-कोरोना बीमारी के लक्षण वाले मरीज स्वयं आगे आये ताकि उनकी जांच कर जल्द उपचार शुरू किया जा सके
-देवास जिले में कोरोना पॉजीटिव मरीजों की रिकवरी रेट 40 प्रतिशत, 30 कोरोना पाजीटिव मरीजों में से 12 मरीज ठीक होकर घर लौटे
-मास्क पहनने, सोशस डिस्टेंसिंग का पालन करने, हाथ धोने या सेनेटाईज करने को अपनी आदत बनाये

देवास 07 मई 2020/ कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय तथा पुलिस अधीक्षक कृष्णावेणी देसावतु ने गुरूवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में पत्रकारों से चर्चा की तथा कोरोना संक्रमण के खिलाफ लडाई में मीडिया की सकारात्मक भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मीडिया ने लॉक डाउन के दौरान जिला प्रशासन के साथ कन्धे से कंधा मिलाकर कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु आमजन के बीच सकारात्मक माहौल का निर्माण करने में अहम भूमिका का निर्वहन किया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती शीतला पटले, अपर कलेक्टर नरेन्द्र सुर्यवंश, कमिश्नर नगर निगम श्री विशाल सिंह चौहान भी उपस्थित थे।
कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय ने कहा कि कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लडाई में अब आगे के चरण में मीडिया को लोगों में कोरोना बीमारी के विरूद्ध कांफिडेन्स बिल्डिंग के कार्य में भी सहयोग करना है मीडिया लोगो को यह शिक्षित व जागरूक करने में भूमिका निभाऐ कि कोरोना संक्रमण के लक्षण यदि किसी व्यक्ति में हो तो वह डरे नहीं बल्कि वह सामने आये और जांच कराये। उन्होंने कहा कि कोरोना बीमारी की जितनी जल्दी पहचान हो जायेगी ईलाज के बाद उस मरीज के ठीक होने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा है।
कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय ने बताया कि देवास जिले में लगभग 15 लाख लोगों का सर्वे व स्क्रीनिंग का कार्य किया जा चुका है। जिले में अब कंटेन्मेंट एरिया भी घट कर 09 रह चुके है। कंटेन्मेंट एरिया में पुन: सर्वे का कार्य चालू कर दिया गया है। जिले में अब तक कुल 474 संदिग्ध मरीजों के सेम्पल लिये गये है जिनमें से 30 कोरोना पॉजीटिव पाये गये है। उन्होंने बताया कि देवास जिले में रिकवरी रेट बहुत अच्छी है। आज की स्थिति में कोरोना पॉजीटिव मरीजों के ठीक होने की रिकवरी रेट 40 प्रतिशत है इस प्रकार 30 पॉजीटिव मरीजों में से 12 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों की शुरूआत में मृत्यु हुई है वह कोमोर्बिलिटी के कारण हुई है अर्थात उन्हें कैन्सर, हायपर बीपी या डायबिटीज जैसी बीमारी या 75 वर्ष से अधिक की उम्र आदि कारण रहे है। उन्होंने कहा कि हमारे जिले में 55 साल के उम्रदराज से लेकर तीन साल का बच्चा कोरोना की लडाई को लडकर स्वस्थ हो चुके है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को बताना है कि बीमारी को छुपाना नहीं है बल्कि जितनी जल्दी हो जांच के लिए आगे आना है ताकि बीमार व्यक्ति का उपचार जल्दी हो सके व वह ठीक हो सके।
कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय ने कहा कि जिले में कोरोना के विरूद्ध सघंर्ष में आमजन स्वैच्छिक संगठन, स्वयं सेवी संस्थाए, मीडिया आदि का पूरा सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी हमारे डाक्टरों, पेरामेडिकल स्टाफ, आंगनवाडी व आशा कार्यकर्ता, सफाई कर्मी, पुलिस, राजस्व के लोग दिन-रात मेहनत कर कोरोना संक्रमण से बचाव के विरूद्ध जंग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान नागरिकों द्वारा जिला प्रशासन का आवश्यक सहयोग किया गया है किन्तु अब आगे आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी। इस दौरान लोगों को अभीतक जिस प्रकार घर पर रहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क पहनने, साबुन से हाथ धोने जैसी बाते सिखाई गई है इनका आगे भी पालन करना है तथा इनको अपनी आदत बनाना है।

पुलिस अधीक्षक श्रीमती कृष्णावेणी देसावतु ने कहा कि कोरोना के विरूद्ध एक कठिन लडाई है। इस लडाई में हम अपने दुशमन को देख नहीं सकते यही कारण है ‍कि कोरोना संक्रमण को गंभीरता से लेना है इसके लिए यह जरूरी है कि लोग घर पर रहे और सुरक्षित रहे अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकले। कोरोना के विरूद्ध लडाई में सभी को धैर्य व संयम रखना है। शासन की एडवायजरी का पालन करना है। हम इसके विरूद्ध जंग को जीत सकेंगे।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत देवास श्रीमती शीतला पटले ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु हमे जो कुछ भी सिखाया गया है उसका आगे भी पालन सुनिश्चित करना है अब आगे आर्थिक गतिविधियां शुरू होगी किन्तु मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालने करने, साबुन से बार-बार हाथ धोने, घर में रहने व अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने जैसे दिशा निर्देशों का पालन आगे भी सुनिश्चित करना है तभी हम आगे भी कोरोना संक्रमण से बचे रह सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के विरूद्ध जंग को जीतने के लिए बीमार व्यक्ति सामने आकर जितनी जल्दी जांच करायेंगा उतनी जल्दी उपचार शुरू हो जायेगा और उसके ठीक होने की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने बताया कि जिले में सेम्पल लेने की संख्या बढाने जा रहे है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों के सेम्पल लिये जाकर समुचित जांच व उचार किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आगे के दिनों में परिवार के वृद्ध व्यक्तियों, गंभीर बीमारी से पीडित व्यक्तियों व बच्चों का विशेष ख्याल रखना है।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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