मददगार हेल्पलाइन / आत्महत्या से बड़ी है आपकी जिंदगी, डिप्रेशन के कारण ऐसी सोच आए तो सिर्फ फोन कॉल पर पा सकते हैं मदद

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर की खुदकुशी कर लीसुशांत कई महीनों से तनाव में थे और पिछले 6 डिप्रेशन का इलाज करवा रहे थे

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार दोपहर बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सुशांत बीते कई दिनों से तनाव में थे और पिछले 6 महीने से डिप्रेशन का इलाज करवा रहे थे।

लॉकडाउन के मौजूदा समय में डिप्रेशन के बीच ऐसी कई खबरें सुनने को मिलती रहती है। यदि कोई हताश महसूस करता है या आत्महत्या करने की बात सोचता है, तो सबसे पहले हमारी कोशिश यही रहती है कि हम किसी तरह उस व्यक्ति की मदद कर सके। इसके लिए हम अपने अनुभवों के आधार पर उन्हें सलाह देते हैं और समाधान ढूंढने की कोशिश करते हैं।

इन हेल्पलाइन नंबर्स की ले सकते हैं मदद

मानसिक तनाव या खुदकुशी के बारे में सोच रहे व्यक्तियों के लिए ऐसी कई स्वयंसेवी संस्थाएं और अस्पताल है, जो आत्महत्या के लिए प्रेरित हो रहे व्यक्ति की मदद कर रही हैं। हेल्पलाइन वह सुविधा है, जो परेशानी में पड़े लोगों को बिना किसी आलोचना के अपनी बातें कहने की सुविधा देती है। फोन कॉल के जरिए उपलब्ध कुछ सुविधा पूरे सप्ताह 24 घंटे और फिर कुछ निर्धारित घंटे उपलब्ध रहती है।  

लोकेशनसंस्था – सेंटर फोन नंबर
देशभर के लिएआसरा022-27546669
देशभर के लिएआईकॉल(iCall)022-25521111
देशभर के लिएवंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ18602662345
देशभर के लिएकूज8322252525
मुंबईBMC मेंटल हेल्थ 022- 24131212
दिल्लीसंजीवनी सोसायटी फॉर मेंटल हेल्थ011-40769002
चेन्नईस्नेहा इंडिया फाउंडेशन044-24640050
हैदराबादरोशनी040-66202000
आंध्र प्रदेशI LIFE78930-78930
कर्नाटकआरोग्य सहायवाणी104
तमिलनाडुस्नेहा044-24640050

ऐसे करें तनावग्रस्त व्यक्ति की मदद

  • यदि कोई व्यक्ति डिप्रेशन से गुजर रहा है और तनाव महसूस कर रहा है, तो उनके लिए बेहतर यही है कि हम शांति से उनकी बात सुने। हताश व्यक्ति किसी से जवाब या समाधान नहीं चाहता। वह बस अपने भय और चिंताओं को व्यक्त करने के लिए एक सुरक्षित स्थान चाहता है, जहां उसकी बात सुनी जाए।
  • इस दौरान हमें ना केवल उनकी बातों को सुनना चाहिए, बल्कि वह व्यक्ति जो बता रहा है उसके पीछे की भावनाओं को जानने की भी कोशिश करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति की मदद करने के लिए हमें उनके दृष्टिकोण से चीजों को देखना चाहिए, ना कि अपने दृष्टिकोण से

आप इनमें से कोई बनकर कर सकते हैं मदद

  • बात सुनने वाला व्यक्ति- तनाव से जूझ रहा व्यक्ति किसी ऐसे को अपने पास चाहता है, जो उसकी बातें सुनने के लिए वक्त निकाले। कोई ऐसा जो बिना किसी निर्णय, राय या सलाह के सिर्फ उसकी बातों को सुने।
  • विश्वासपात्र व्यक्ति- हताशा से भरा व्यक्ति चाहता है कि वह व्यक्ति जो उनकी बातें सुन रहा है, वह उनकी भावनाओं का सम्मान करें और उन पर हावी होने की कोशिश ना करें। वह चाहता है कि जिससे वह अपनी बात कहें, वह उस बात को गुप्त ही रखें।
  • ध्यान देने वाला कोई व्यक्ति- मानसिक तनाव से गुजर रहा व्यक्ति अपने पास किसी ऐसे शख्स को चाहता है जो समय रहने पर उसके पास मौजूद हो जो उसे मानसिक तौर पर शांति दे ऐसा व्यक्ति जो अपनी बातों से उसका विश्वास जीत सके और कहे कि वह उसकी परवाह करता है।

तनाव है तो किन चीजों से बचना और बचाना चाहिए

  • अकेलापन- डिप्रेशन की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को जितना हो अकेले रहने से बचाएं। निरस्कार से यह समस्या 10 गुना बढ़ सकती है। यदि आप भी किसी व्यक्ति को मानसिक तनाव से ग्रसित पाते हैं तो उसे अकेलेपन से बचाएं।
  • सलाह  देना- अक्सर मानसिक तनाव से जूझ रहे लोग अपनी बातें दूसरों को बताने से कतराते हैं। दरअसल वह इस बातचीत के दौरान ‘खुश रहो’ का सुझाव या ‘सब ठीक हो जाएगा’ जैसे आश्वासन से बचना चाहते हैं। वह किसी भी विश्लेषण, तुलना, वर्गीकरण या आलोचना की जगह सिर्फ अपनी बात किसी से कहना चाहते हैं।
  • सवाल पूछना- खुदकुशी करने का विचार कर रहा व्यक्ति किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं चाहता वह नहीं चाहता कि जिस विषय पर वह बात कर रहा है, उसे बदला जाए या उसकी बातों को सुनकर कोई उस पर दया दिखाएं या कोई कृपा करें। वह बस अपने मन की बात साझा करना चाहता है।

Post Author: Vijendra Upadhyay