कोरोना वायरस के संबंध में जिला प्रशासन तथा विभिन्न एसोसिएशन की बैठक सम्पन्न

भीड़भाड़ वाले स्थलों पर जाने से बचे, सामूहिक रूप से एकत्रित न हो
देवास 21 मार्च 2020/ कोरोना वायरस के संबंध में कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय के मार्ग दर्शन में आज शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में विभिन्न एसोसिएशन के अध्यक्षों के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी, सीएमएचओ डॉ. आर. के. सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर नरेन्द्र धुर्वे, श्रीमती रश्मि दुबे तथा विभिन्न एसोसिएशन के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी ने कहा कि सभी के सहयोग से हम कोरोना वायरस से लड़ सकते हैं। कोराना वायरस ने महामारी का रूप ले लिया है। यह दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में फैल चुका है, इससे लड़ने की जिम्मेदारी हम सब की है। हम सबको जिम्मेदारी से काम करना है। अभी तक मध्यप्रदेश सुरक्षित था परन्तु अब मध्यप्रदेश मे भी कोराना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आए है। हम अभी स्टेज टू में हैं। कोरोना वायरस से सुरक्षा और बचाव के लिए प्रशासन द्वारा नागरीकों का जागरूक किया जा रहा है। आप भी प्रशासन का सहयोग करें तथा आप खुद भी सावधानीयां बरते एवं दूसरो को भी जागरूक करे। उन्होंने 22 मार्च 2020 रविवार को प्रधानमंत्री जी द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु जनता कर्फ्यू का पालन करने का आग्रह किया।
बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रश्मि दुबे ने बताया कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकना ही इसके बचाव का सबसे सार्थक कदम होगा। चूंकि यह वायरस मनुष्यह से मनुष्य में विभिन्न प्रकार से संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए यह जरूरी है कि संक्रमित व्यक्ति से सीधे संपर्क में आने से बचा जाए। व्यक्ति भीड़भाड़ वाले स्थलों पर ना जाए। एक स्थान पर 20 से ज्यादा लोग एकत्रित न हो और सामूहिक आयोजनों को यथा संभव टाले। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना से बचाव हेतु आवश्यक तैयारियां कर ली गई है। जिला अस्पताल में रोगियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। यदि कोई संदिग्ध पाया जाता है तो उसे आईसोलेशन या क्वारेनटाइन में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में रेपिड रिस्पांस टीम भी बनाई गई है जो संदिग्ध मरीज की सूचना मिलने पर तत्काल उस व्यक्ति से संपर्क करेगी तथा संदिग्ध की भर्ती और इलाज की व्यवस्था की जाएगी। चिकित्सकों से लेकर आशा कार्यकर्ताओं तक का प्रशिक्षण हो चुका है। उन्होंने बताया कि चूंकि कोरोना वायरस के लिए कोई मेडिसीन नहीं है। इसलिए बचाव ही रोकथाम का सार्थक तरीका है।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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