देवास में पहली बार आयोजित माँ-बेटी गरबा महोत्सव का भव्य समापन

देवास में पहली बार आयोजित माँ-बेटी गरबा महोत्सव का भव्य समापन

नौ माँ-बेटी की जोड़ियों का हुआ सम्मान

शस्त्र पूजन के साथ भारतीय संस्कृति, नारी सम्मान और पारिवारिक परंपराओं का दिया संदेश

देवास। शहर में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय माँ-बेटी गरबा महोत्सव का उत्साह, उमंग और भक्तिमय वातावरण के बीच भव्य समापन हुआ। महोत्सव में महिलाओं एवं बालिकाओं ने पारंपरिक परिधानों में गरबा प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक पेश की। समापन अवसर पर नौ माँ-बेटी की जोड़ियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति की जिला संयोजिका श्रीमती उज्ज्वला व्यास, न्यू चिल्ड्रन्स स्कूल की संचालिका डॉ. सुषमा अरोरा, भाजपा नेत्री सुश्री हिना राठौर एवं शिक्षिका श्रीमती प्रांजल लाम्बोरे उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में देवास नगर निगम सभापति श्री रवि जैन, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह खनूजा, वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल सिकरवार एवं रोटरी क्लब अध्यक्ष श्री सुधीर पंडित विशेष रूप से उपस्थित रहे। महोत्सव के दौरान मातृशक्ति द्वारा शस्त्र पूजन भी किया गया, जिसने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए गरबा के माध्यम से भक्ति, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

आयोजन में निर्णायक एवं सहयोगी टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

महोत्सव को सफल बनाने में निर्णायक के रूप में श्रीमती रुचिका उपाध्याय, श्रीमती प्रांजल लाम्बोरे एवं श्रीमती अनिता देशमुख का विशेष सहयोग रहा। साथ ही ड्रीम गर्ल्स स्कूल के समस्त स्टाफ, टीम यजत इवेंट्स एवं श्री शिव म्यूजिकल ग्रुप ने आयोजन को सफल एवं यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य मातृशक्ति को सुरक्षित एवं पारिवारिक वातावरण में गरबा करने का अवसर प्रदान करना तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ना रहा। माँ-बेटी की संयुक्त सहभागिता ने पारिवारिक जुड़ाव और पीढ़ियों के बीच सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। देवास में पहली बार आयोजित इस अनूठे महोत्सव ने सांस्कृतिक आयोजनों की दिशा में एक नई पहल प्रस्तुत की। उत्सव, भक्ति, नारी सम्मान और पारिवारिक सहभागिता को केंद्र में रखकर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन यादगार रहा।

Post Author: Vijendra Upadhyay