स्वास्थ्य विभाग है एलर्ट
देवास, 06 फरवरी 2020/ चीन के हुबई राज्य के वुहान शहर में नये प्रकार का कोरोना वायरस (Novel Corona Virus 2019-ncov) से निमोनिया के प्रकरण पाये गये है। इसमें मनुष्य से संक्रमण फैलने की संभावना होती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सक्सेना ने बताया कि 31 दिसम्बर 2019 से 29 जनवरी 2020 तक चीन से देवास जिले में कुल 6 व्यक्तियों की आने की सूचना आज दिनांक 06 फरवरी 2020 को मिली है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी व्यक्तियों को चिंहित कर लिया गया तथा इन सभी की स्वास्थ्य विभाग द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। उक्त व्यक्तियों की चीन से देवास जिले में आने की सूचना मिलते ही संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, आईडीएसपी नोडल अधिकारी डॉ. एस.एस. मालवीय, आईडीएसपी प्रभारी अधिकारी रश्मि दुबे को चीन से आये हुये व्यक्तियों व उनके परिजन से सम्पर्क कर उनकी जानकारी लेने, उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर गाईडलाईन अनुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इस हेतु सिविल सर्जन एवं समस्त मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारियों, मेडिकल ऑफिसर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता व आशा कार्यकर्ता को निर्देशित किया गया है कि अपने क्षेत्र में गंभीर रोगियों/ गंभीर सर्दी जुकाम की बीमारी एआरआई/आईएलआई के मरीजों पर नजर रखे एवं एक स्थान से आने वाले ARI/ILI के मरीजों की जानकारी रखी जावे। इस बीमारी नियंत्रण एवं बचाव हेतु चिकित्सक व समस्त स्वास्थ्य प्रदायकर्ता सावधानी बरते तथा आम नागरिकों को भी जागरूक करें। कोराना वायरस का कोई भी मरीज चिन्हिंत होता है तो उसके भर्ती हेतु जिला चिकित्यालय देवास में तृतीय तल पर आइसोलेशन वार्ड चिन्हिंत किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के सक्सेना ने बताया कि देवास जिला एवं प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया है, लेकिन सावधानी रखना आवश्यक है। सावधानी ही बचाव है इसके लिए खासने व छीकने के बाद, शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ साबुन से धोये एवं खाने के पहले व बाद हाथ धोना सुनिश्चित करें। राज्य शासन ने भी चिकित्सकों को कोरोना वायरस के प्रति सर्तक व सजग रहने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई 15 जनवरी के बाद चीन से लौटा है तो उसका मेडिकल टेस्ट आवश्यक करायें यदि कोरोना पीडि़त व्यक्ति के संपर्क में रहा है तो 14 दिनों तक के लिये अपना सम्पर्क सीमित रखे व अलग सोये। समस्त चिकित्सक को उनके अधिनस्थ स्वास्थ्य संस्थाओं उच्च स्तर का संक्रमण प्रकरण प्रोटोकॉल बनाने के निर्देश दिए गए एवं डब्ल्यूएचओ द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करने हेतु भी निर्देश दिए गए।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सक्सेना ने अपील की है कि किसी भी प्रकार का पेय पदार्थ (कोलडिक्स) आईस्क्रीम, कुल्फी आदि खाने से बचे इसी प्रकार का बंद डिब्बा भोजन, बर्फ का गोला, सील बंद दूध तथा दूध से बनी मिठाईयां जो 24 घण्टों से पहले बनी है। उसे न खायें। वायरस से बचने के लिए हाथों को साबुन या गरम पानी से धोये तथा खासतें, छीकते समय नाक व मुंह को किसी रूमाल से ढंके क्योंकि ये वायरस छींक से फैलाता है। इस हेतु खाघ सुरक्षा अधिकारी को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।

