जिले में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 2475 लंबित प्रकरण एवं 2270 प्रिलिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे जाएंगे
देवास, 07 फरवरी 2020/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार माननीय जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री डी.के. पालीवाल के मार्गदर्शन में दिनांक 08 फरवरी 2020 शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों में वृहद स्तर पर ‘‘नेशनल लोक अदालत” का आयोजन किया जा रहा है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास श्री शमरोज खान ने बताया कि लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण मामले, विद्युत चोरी प्रकरण, चैक बाउन्स, बैंक रिकवरी, श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, भू-अर्जन, नगर निगम के जलकर एवं संपत्तिकर प्रकरण आदि विषयक प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास ने बताया कि ‘‘नेशनल लोक अदालत” के लिए माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री डी.के. पालीवाल द्वारा जिला मुख्यालय पर 12 न्यायिक खंडपीठों एवं तहसील मुख्यालय सोनकच्छ में 03, बागली में 05, कन्नौद में 01, खातेगांव में 04 एवं टोंकखुर्द में 01 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया है। नेशनल लोक अदालत में संपूर्ण जिले में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 2475 लंबित प्रकरण एवं 2270 प्रिलिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए हैं।
पक्षकार संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर ‘‘नेशनल लोक अदालत” में राजीनामा कर प्रकरण का निराकरण करा सकते हैं। लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर मामले का शीघ्र और बिना किसी व्यय के निराकरण होता है इससे पक्षकारों के बीच का प्रेम और स्नेह बना रहता है। नेशनल लोक अदालत में दीवानी एवं चैक अनादरण से संबंधित प्रकरणों में न्यायशुल्क की राशि की वापसी होती है। अतः अधिक से अधिक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठायें। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126, 135 एवं 138 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं प्रिलिटिगेशन प्रकरणों, नगर निगम के जलकर एवं संपत्तिकर के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों एवं बैंक रिकवरी के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार विशेष छूट दी जाएगी।

